इंटरनेट ने हमारी लाइफ को काफी आसान बना दिया है। इंटरनेट की मदद से आप कई सारे काम बेहद कम समय में कर सकते हैं। अगर आपके पास डेस्कटॉप है तो आपके लिए काम की खबर है। डेस्कटॉप यूजर्स के लिए भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-IN की तरफ से एक बड़ी वॉर्निंग दी गई है। एजेंसी के मुताबिक डेस्कटॉप में चलने वाले गूगल क्रोम ब्राउजर के वर्जन कई तरह के बड़ी खामियां पाई गई है जिससे आपका डेटा खतरे में पड़ सकता है।
क्रोम यूजर्स के लिए जारी हुआ बड़ा अलर्ट।(फोटो क्रेडिट-iStock)
CERT-In के मुताबिक डेस्कटॉप के Google Chrome ब्राउजर में कई सारी ऐसी खामियां पाई गई है जिससे आपके डिवाइस और पर्सनल डेटा पर स्कैमर्स और हैकर्स आसानी से पहुंच बना सकते हैं। इन खामियों का फायदा उठाकर साइबर क्रिमिनल्स आपके सिस्टम को भी अपने कंट्रोल में ले सकते हैं। इससे आपको कई तरह की बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
क्रोम में पाई गईं कई खामियां
सरकारी एजेंस की तरफ से जारी एडवाइजरी की मानें तो Windows और macOS पर 140.0.7339.80/81 से पहले के वर्जन और Linux पर 140.0.7339.80 से पुराने क्रोम वर्जन पर इन खामियों से ग्रसित है। इन खमियों का फायदा उठाकर साइबर क्रिमिनल्स आसानी से आपके सिस्टम पर आर्बिट्ररी कोड रन कर सकते हैं और आपके सिक्योरिटी रिस्ट्रक्शन्स को बायपास कर सकते हैं।
सिक्योरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक वल्नरेबिलिटीज की मेन रूट क्रोम ब्राउजर के V8 JavaScript इंजन में है। इसकी वजह से ब्राउजर में कई तरह के बग्स देखने को मिले हैं। इन बग्स का फायदा उठाकर स्कैमर्स आसानी से आपके फोन में मौजूद डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। इन खामियों की वजह से डेटा चोरी हो सकता है। डिवाइस से आपका कंट्रोल खत्म हो सकता है और साथ ही डिवाइस में मैलवेयर भी इंस्टाल हो सकता है। ऐसे में आपको बेहद अलर्ट रहने की जरूरत है।
यूजर्स तुरंत करें ये काम
CERT-In ने सभी डेस्कटॉप पर क्रोम ब्राउजर को इस्तेमाल करने वाले यूजर्स से तुरंत ब्राउजर को लेटेस्ट वर्जन में कनवर्ट करने की सलाह दी है। अगर आप इस वॉर्निंग को इग्नोर करते हैं तो इससे आपको भविष्य में बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। गूगल की तरफ से क्रोम का फिक्स्ड वर्जन पहले से ही जारी किया जा चुका है।
