एक दूसरे के दिमाग में वायरस डाल सकते हैं AI एजेंट्स, नई स्टडी में सामने आया चौंकाने वाला खतरा

शोधकर्ताओं का कहना है कि माइंड वायरस फिलहाल वास्तविक लेकिन सीमित जोखिम हैं, हालांकि जैसे-जैसे AI एजेंट अधिक स्वायत्त होंगे और एक-दूसरे के साथ ज्यादा बातचीत करेंगे, ऐसे जोखिमों को समझना और उनसे बचाव के तरीके विकसित करना महत्वपूर्ण होगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक नई स्टडी ने ऐसा खतरा सामने रखा है, जो किसी कंप्यूटर वायरस से अलग है। रिसर्च के मुताबिक एक AI एजेंट किसी दूसरे AI एजेंट को कोई विचार या लक्ष्य अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है और फिर वही एजेंट उस विचार को आगे दूसरे एजेंट तक पहुंचा सकता है। शोधकर्ताओं ने इस तरह के व्यवहार को ‘माइंड वायरस’ (Mind Virus) नाम दिया है।

Mind Virus

हर ‘माइंड वायरस’ सफल नहीं हुआ/Photo-AI

क्या है AI का ‘माइंड वायरस’?

“Mind Viruses: Self-Propagating Ideas in Multi-Agent LLM Systems” नाम की रिसर्च में माइंड वायरस को ऐसे विचार या लक्ष्यों के रूप में परिभाषित किया गया है, जो मल्टी-एजेंट AI सिस्टम में एक एजेंट से दूसरे एजेंट तक फैलते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि कोई खतरनाक कोड इस्तेमाल किया जाए। किसी AI एजेंट को सिर्फ एक खास विचार या लक्ष्य अपनाने के लिए तैयार करना ही काफी हो सकता है, जिसे वह आगे दूसरे एजेंट तक पहुंचा दे।

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