स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीनएज सनसनी तन्वी शर्मा ने रविवार को ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त थुई लिन्ह गुयेन को सीधे गेम में हराकर अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब और महिला सिंगल्स का ताज जीता। पिछले साल US ओपन सुपर 300 में रनर-अप रही पंजाब की 17 साल की तन्वी ने फाइनल मुकाबले में गुयेन को 21-16, 21-16 से हराया। फाइनल मुकाबल सिर्फ 36 मिनट चला।
तान्वी शर्मा ने जीता ताइपे ओपन। फोटो- सोशल मीडिया
खिताब जीतने वाली बनीं सबसे कम उम्र की खिलाड़ी
17 साल और 222 दिन की उम्र में, तन्वी इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट भी बनीं। उन्होंने कोरिया के महान डबल्स खिलाड़ी ली योंग डे का रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2006 में मेन्स डबल्स फाइनल में पहुंचने के समय 17 साल और 287 दिन के थे।
पीवी सिंधु के पूर्व कोच से लेती हैं ट्रेनिंग
पीवी सिंधु के पूर्व कोच पार्क ताए-सांग की देखरेख में ट्रेनिंग करने वाली तन्वी, अपने निडर अटैकिंग गेम और शानदार निरंतरता के कारण भारत की सबसे होनहार बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरी हैं। पूर्व वर्ल्ड जूनियर नंबर-1 खिलाड़ी तन्वी, वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के एक ही एडिशन में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
16 साल की उम्र में खेला यूएस ओपन
उन्होंने गर्ल्स सिंगल्स में सिल्वर और मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं, जिसने एशियन टीम चैंपियनशिप में देश का पहला गोल्ड मेडल जीता था। तन्वी 16 साल की उम्र में 2025 US ओपन में अपने पहले सुपर 300 फाइनल में पहुंचीं और इस साल ताइपे ओपन में भी फाइनल मुकाबला खेला। वह ओडिशा मास्टर्स और गुवाहाटी मास्टर्स में भी रनर-अप रहीं और दुनिया की टॉप 35 खिलाड़ियों में जगह बनाई।
