Who is Sachin Yadav: टोक्यो में खेले जा रहे वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में जहां पूरा देश नीरज चोपड़ा से जेवलिन में एक बार फिर से इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल की उम्मीद कर रहा था वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के रहने वाले सचिन यादव नीरज के नक्शेकदम पर चलते हुए अपने आईडल के सामने प्रतिभा का प्रदर्शन एक बार फिर से करने के लिए तैयार थे। सचिन ने फाइनल में पहले ही थ्रो में अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम को भी पछाड़ दिया। सचिन ने 86.7 का थ्रो फेंका और अंत में चौथे नंबर पर फिनिश किया। वहीं नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम सुपर 6 तक भी नहीं पहुंच पाए।
सचिन यादव (फोटो- AP)
सचिन यादव ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 जैवलिन फाइनल में पहला थ्रो 86.27 का फेंका। सचिन ने दूसरे थ्रो में फाउल कर दिया और तीसरे थ्रो में 85.71 का थ्रो मारा और चोथे थ्रो में वे 84.9 पर रहे और पांचवे राउंड में 85.4 का थ्रो फेंका और सभी का दिल जीत लिया। आखिरी राउंड में भी उन्होंने 84 मीटर का थ्रो फेंका और चौथा स्थान प्राप्त किया।
कौन हैं सचिन यादव?
25 वर्षीय सचिन यादव उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। उनकी कहानी बेहद प्रेरणादायक है क्योंकि शुरुआत में उन्होंने खेलों में करियर बनाने का सपना भी नहीं देखा था। करीब 6 फीट 5 इंच लंबे सचिन शुरू में क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे और एमएस धोनी व जसप्रीत बुमराह से प्रेरित थे। लेकिन एक परिवार के सदस्य ने उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उनकी जेवलिन थ्रो की प्रतिभा को निखारने का मौका मिला।
राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
सचिन यादव ने 2024 में 63वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप, बेंगलुरु में 80.04 मीटर की थ्रो के साथ गोल्ड जीतकर अपने करियर की धमाकेदार शुरुआत की। इसके बाद 2025 में उनकी सफलता का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने फेडरेशन कप, कोच्चि (83.86 मीटर) और नेशनल गेम्स, देहरादून (84.39 मीटर) में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इन उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय जेवलिन थ्रो का भविष्य बना दिया, जिसे कई लोग नीरज चोपड़ा का उत्तराधिकारी मानने लगे हैं।
नीरज चोपड़ा से मिली प्रेरणा
सचिन यादव खुलकर मानते हैं कि उनके करियर पर नीरज चोपड़ा का गहरा असर पड़ा है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में नीरज के गोल्ड और पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर ने भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दिलाई। नीरज की लगातार 85 मीटर से ऊपर की थ्रो और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने सचिन जैसे नए एथलीटों को प्रेरित किया। अब वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में नीरज और सचिन की संयुक्त मौजूदगी भारतीय जेवलिन थ्रो की ताक़त को दुनिया के सामने पेश करेगी।
एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप से अंतरराष्ट्रीय पहचान
सचिन यादव ने 2025 में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप, गुमी (दक्षिण कोरिया) में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 85.16 मीटर की थ्रो के साथ व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ हासिल किया। यहां उन्होंने पाकिस्तान के अरशद नदीम जैसे दिग्गजों से कड़ा मुकाबला किया और सिल्वर मेडल जीता। यह उनके करियर का वह मोड़ था जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
