नई दिल्ली: विनेश फोगाट एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में महिलाओं के 53 किलोवर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से 4-6 से हारकर बाहर हो गई। इस हार के साथ ही विनेश की वापसी की और जापान के आइची नागोया में इस साल के आखिर में होने वाले एशियाई खेलों में जगह बनाने की उम्मीदें भी ध्वस्त हो गई। इससे पहले विनेश ने अपने बरसों के अनुभव को झोंकते हुए बेहद आक्रामक निशु को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन सेमीफाइनल में मीनाक्षी के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
विनेश फोटाग (फोटो क्रेडिट ANI)
हार से मुझे कोई समस्या नहीं है, सारा सिस्टम एक ओर था...
क्वालीफायर में हार के बाद विनेश फोगाट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'पूरा सिस्टम एक ओर था और मैं व मेरी टीम एक तरफ बैठे थे, सभी लोग मिले हुए हैं और एकतरफा लड़ाई है, मुझे हार या जीत से कोई समस्या नहीं है। पहली बार मैं नहीं हार रही हूं और हम हार कर ही सीखते हैं लेकिन जब पूरा सिस्टम आपके खिलाफ खड़ा हो और फिर भी आप लड़ने की हिम्मत रखते हैं तो मैं खुद को विजेता के रूप में देखती हूं, मैं चाहती हूं कि जो मेरे लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने बहुत ही बड़ा फैसला लिया है, आने वाले अन्य रेस्लरों के लिए ये नया रास्ता खुल गया है, आने वाले समय में उन्हें नया नियम बनाना पड़ेगा कि जो महिला रेस्लर मां बनने के बाद वापसी करना चाहती हैं उन्हें उचित अवसर मिलना चाहिए।'
विवाद के साथ ही हुई ट्रायल्स की शुरुआत
इससे पहले शनिवार सुबह आधिकारिक वजन-माप के दौरान घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आया जब दो बार की विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश को सूचित किया गया कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि उन्होंने पेरिस ओलंपिक सहित अपनी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी भार वर्ग में भाग लिया था। विनेश ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताया और आरोप लगाया कि उन्हें अपनी पसंद के भार वर्ग में उतरने से रोककर महासंघ उनके साथ भेदभाव कर रहा है। मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने हस्तक्षेप किया और विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल में भी भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया। इसके बाद विनेश का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल कर लिया गया।
