स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय पैरा-एथलीट प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 में ध्वजवाहक होंगे। भवीना पटेल की जगह सिमरन शर्मा को यह जिम्मेदारी दी गई है, ताकि भवीना को 19 अक्टूबर को होने वाले अपने क्वार्टर फाइनल मैच से पहले आराम करने और रिकवर होने का पूरा समय मिल सके। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि व्हीलचेयर एथलीट भवीना को अपने महत्वपूर्ण क्वार्टर फाइनल मैच से पहले आराम करने और तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वेन्यू तक आने-जाने में लगभग छह घंटे का समय लगता है, जो काफी थका देने वाला हो सकता है। इससे मैच से पहले उन्हें रिकवर होने के लिए बहुत कम समय बचेगा।
इस फैसले के बारे में बताते हुए, पैरा एथलेटिक्स के हेड कोच सत्यनारायण ने कहा, भवीना का क्वार्टर फाइनल मैच कल, 19 अक्टूबर को है। इस अहम मुकाबले से पहले उनका अच्छी तरह आराम करना और रिकवर होना बहुत जरूरी है। एक व्हीलचेयर एथलीट के लिए वेन्यू तक आने-जाने में लगभग छह घंटे लग जाते हैं, जो काफी थका देने वाला हो सकता है और इससे उन्हें रिकवर होने के लिए बहुत कम समय मिलेगा। उनकी सेहत और प्रतियोगिता के शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए, हमें लगा कि यह बदलाव करना जरूरी है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हमारे एथलीटों को जरूरी आराम मिले और वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
168 एथलीटों को मिली मंजूरी
प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा ध्वजवाहक के रूप में भारतीय एथलीटों के दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और खेल भावना का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह फैसला इस बात पर जोर देता है कि एथलीटों की सेहत सबसे महत्वपूर्ण है और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि औपचारिक जिम्मेदारियों की वजह से उनकी तैयारियों और प्रदर्शन पर कोई असर न पड़े। युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने जापान के आइची-नागोया में होने वाले 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए 168 एथलीटों को मंजूरी दी है। कुल 281 सदस्यों के दल को मंजूरी दी गई है, जिसमें 168 एथलीट, 98 टीम अधिकारी/सपोर्ट स्टाफ और 15 अन्य स्टाफ सदस्य शामिल हैं।
2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए पिछले खेलों की तुलना में, इस बार दल का आकार काफी छोटा है। उस समय भारत ने 303 एथलीटों को मैदान में उतारा था। पैरा एशियन गेम्स का यह संस्करण 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। दल के आकार में आई इस भारी कमी का कारण यह है कि इस बार ब्लाइंड चेस, पैरा-रोइंग और पैरा-कैनोइंग जैसे खेल शामिल नहीं हैं, जिनमें भारत ने पहले एथलीट उतारे थे। इसके अलावा, आयोजन समिति ने कई खेलों में कोटा (सीटों की संख्या) को लेकर सख्त पाबंदियां लगाई हैं।
56 महिलाएं लेंगी हिस्सा
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पैरा एथलेटिक्स में, जहां पिछली बार भारत ने 123 एथलीटों का सबसे बड़ा दल भेजा था, वहीं कोटा पाबंदियों के कारण अब यह संख्या घटकर 62 एथलीट रह गई है। इन 168 एथलीटों में 112 मेंस और 56 महिलाएं शामिल हैं, जो 11 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेंगे। हांगझोऊ में अपने अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के तीन साल बाद, भारत अब आइची-नागोया में हिस्सा लेने जा रहा है। हांगझोऊ में भारत ने 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य पदक सहित कुल 111 पदक जीते थे। यह आंकड़ा 2018 में जकार्ता में हुए खेलों में जीते गए भारत के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (72 पदक) से कहीं अधिक था।
2023 में पैरा एथलेटिक्स ने भारत के कुल पदकों में सबसे बड़ा योगदान दिया था, जिसमें 18 स्वर्ण सहित कुल 55 पदक शामिल थे। उम्मीद है कि जापान में भी यह खेल दर्शकों का खूब मनोरंजन करेगा। दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल, पुरुषों की जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) F64 स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव करते हुए, देश के अब तक के महानतम खिलाड़ियों में से एक के रूप में अपनी विरासत को और मजबूत करने का लक्ष्य रखेंगे।
पैरा-स्पोर्ट्स के अन्य सुपरस्टार, जैसे पैरालंपिक चैंपियन धर्मबीर नैन, प्रवीण कुमार और नवदीप सिंह, पैरा एथलेटिक्स टीम का हिस्सा हैं। इनके साथ पैरालंपिक पदक विजेता प्रीति पाल, दीप्ति जीवनजी, निषाद कुमार, सचिन सर्जेराव खिलारी और होकाटो होटोझे सेमा भी शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने इवेंट में पदक जीतने के प्रबल दावेदार हैं। भारत की ओर से पैरा-शूटिंग में भी एक मजबूत टीम उतरेगी, जिसका नेतृत्व दो बार की पैरालंपिक चैंपियन और महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल कैटेगरी में मौजूदा एशियन पैरा गेम्स चैंपियन अवनि लेखरा करेंगी।
शीतल देवी हैं बड़ा चेहरा
पैरा आर्चरी (तीरंदाजी) में 19 वर्षीय शीतल देवी एक प्रमुख नाम हैं। 2023 के एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने दो पदक जीते थे (जिसमें एक मिक्स्ड टीम इवेंट का पदक भी शामिल था)। अब वह अपने विमेंस कंपाउंड टाइटल को बचाने के लिए वापसी कर रही हैं। उन्होंने डबल्स इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और प्रमोद भगत पैरा-बैडमिंटन टीम की कमान संभालेंगे। इस टीम में पैरालंपिक सिल्वर मेडलिस्ट सुहास यथिराज और थुलसिमथी मुरुगेसन, तथा ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नित्या श्री सुमति सिवन जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं।
हाल के वर्षों में एशियन पैरा गेम्स में भारत की सफलता काफी बढ़ी है। 2010 के ग्वांगझू गेम्स में 14 पदक, 2014 के इंचियोन गेम्स में 33 पदक और 2018 के जकार्ता गेम्स में 72 पदक जीतने के बाद, तीन साल पहले 100 पदकों का आंकड़ा पार करना भारतीय खेलों के लिए एक ऐतिहासिक पल था। ये प्रतियोगिताएं 19 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित की जाएंगी, जिनमें नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम मुख्य आयोजन स्थल होगा।
