आखिरी क्वार्टर में दो गोल गंवाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा और पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन के बावजूद नीदरलैंड के हाथों 3 -1 से हारने के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को एफआईएच विश्व कप में सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। भारत को अंतिम चार में पहुंचने के लिये यह मैच हर हालत में जीतना था लेकिन अच्छी शुरूआत के बावजूद आखिरी दस मिनट में की गई गलतियों ने भारत को मैच से बाहर कर दिया । हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को अब दूसरे दौर का आखिरी मैच सोमवार को अर्जेंटीना से खेलना है। इसके बाद टीम पांचवें से आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन मुकाबले खेलेगी।
हॉकी वर्ल्ड कप (साभार-X)
भारत के लिये मैच में एकमात्र गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में किया । नीदरलैंड के लिये डुको टेलगेनकेम्प (41वां), येप होडेमेकर्स (51वां ) और वान डैम यिप (55वां ) ने गोल दागे। पहले दौर में इंग्लैंड से हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं आई थी। अब अर्जेंटीना को हराने के बाद भी उसके तीन ही अंक होंगे जिससे उसके अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गई। विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम नीदरलैंड को कभी हरा नहीं सकी है । यहां 1973 विश्व कप के फाइनल में उसे डच टीम ने पेनल्टी शूटआउट में हराया था।
भारतीय टीम ने पहले हाफ में बेहद सधा हुआ खेल दिखाकर डच टीम को बांधे रखा। भारतीय बैकलाइन ने जहां कोई गलती नहीं की , वही मिडफील्ड में गेंद पर लंबे समय कब्जा नहीं रहने दिया।
तीसरे मिनट में भारत ने दबाव बनातं हुए दाहिने ओर से सर्कल में प्रवेश किया लेकिन डच डिफेंडरों ने प्रयास को सफल नहीं होने दिया। आठवें मिनट में हार्दिक के पास पर राजिंदर गेंद लेकर डी के भीतर गए लेकिन एक बार फिर भारत डच डिफेंस को भेद नहीं सका। इसके तीन मिनट बाद नीदरलैंड के वान डाम दीस ने बायें ओर से मिले पास पर रिवर्स हिट लगाया लेकिन गेंद उनकी स्टिक के पीछे से लगकर गई थी। भारत को फ्री हिट मिली लेकिन गेंद पर से नियंत्रण चला गया।
मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर डच टीमको 13वें मिनट में मिला लेकिन यिप यानसेन की ड्रैग फ्लिक को मनप्रीत ने अपनी रशिंग से बखूबी ब्लॉक किया। पहले पंद्रह मिनट में मैच पर भारतीय डिफेंस का दबदबा रहा। दूसरे क्वार्टर के शुरूआती मिनट में ही नीदरलैंड को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से एक पर भी गोल नहीं हो सका।
भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद समझदारी का प्रदर्शन करते हुए साफ सुथरी टैकलिंग की और कोई फाउल नहीं होने दिया। भारत को 24 वें मिनट में गोल करने का मौका मिला जब मनप्रीत से गेंद लेकर दिलप्रीत सर्कल में गए लेकिन डच गोलकीपर मेयेर डर्क ने गेंद भीतर नहीं जाने दी हालांकि सर्कल के भीतर राजिंदर रिबाउंड पर बेहतर निशाना साध सकते थे।
ब्रेक से चार मिनट पहले हार्दिक से गेंद लेकर सुखजीत सर्कल के भीतर गए जहां दो डच डिफेंडरों ने उन्हें घेरा । गिरने पर पेनल्टी कॉर्नर की मांग को अंपायर ने ठुकरा दिया । मनप्रीत के शॉट पर गेंद यानसेन की स्टिक से टकराई जिन्होंने उसे बाहर निकाल दिया । आखिरी मिनट में भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने एक बेहतरीन बचाव किया। हाफटाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी। इस क्वार्टर में भारतीयों ने भी आगे बढकर हमले बोले लेकिन डच बैकलाइन ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया।
भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर 35वें मिनट में रेफरल पर मिला । अभिषेक के पास पर गेंद डच डिफेंडर के पैर से टकराई थी जिस पर अंपायर ने पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया था । हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक नीदरलैंड के फर्स्ट रशर के पैर से लगी जिस पर भारत को रेफरल लेने पर दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत का शॉट बाहर से निकल गया।
अब तक मुस्तैद रहे भारतीय डिफेंस को एक पल की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा और नीदरलैंड ने आसान गोल कर दिया। तिमैन रेयांगा को सर्कल के भीतर गेंद मिली जिन्होंने निशाना साधा और गेंद डुको टेलगेनकेंप की स्टिक से डिफ्लैक्ट होकर भीतर चली गई। भारतीय गोलकीपर मोहित के पास कोई मौका नहीं था। भारत को पलटवार में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक गोलकीपर ने रोक दी। गेंद सर्कल के भीतर रहते हुए भारतीय स्ट्राइकरों ने रिबाउंड के प्रयास किये लेकिन सफलता नहीं मिली।
भारत के लिये 47वें मिनट में अभिषेक ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे। अमित रोहिदास की स्लैप हिट डिफ्लेक्शन से बाहर निकल गई । भारत ने डिफेंडर के पैर पर गेंद लगने के कारण रिव्यू लिया और भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन संजय का शॉट गोलकीपर ने रोक दिया।
नीदरलैंड ने 51 वें मिनट में बढत दुगुनी कर ली जब डिफेंस से सर्कल के भीतर तक सिर्फ तीन लंबे पास पर होडेनमेकर्स ने फिनिशर का काम करते हुए गेंद को गोल के भीतर डाला।
अगले मिनट जवाबी हमले पर राजिंदर ने भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर बनाया और हरमनप्रीत की तेज रफ्तार ड्रैग फ्लिक को डच डिफेंस रोक नहीं सका।
भारत की मैच में वापसी की उम्मीदें बंधने ही लगी थी कि नीदरलैंड ने एक और आसान गोल करके मैच पर शिकंजा कस लिया। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने गेंद गंवाई जो वान डैम के पास गई जिसे रोकने के लिये भारतीय गोलकीपर आगे निकल आये और वान डैम ने आसानी से गेंद भीतर डाल दी।
