EXCLUSIVE INTERVIEW: एशियाई खेलों में पदक का सूखा खत्म करने पर बोलीं मीराबाई चानू, पूरा हुआ अधूरा सपना, और कुछ करके दिखाऊंगी

जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में महिलाओं की वेटलिफ्टिंग के 49 किग्रा भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर मीराबाई चानू ने इतिहास रच दिया और एशियाड में वेटलिफ्टिंग में चल रहे 28 साल के सूखे को भी खत्म कर दिया। यह उपलब्धि हासिल करने के बाद चानू ने टाइम्स नाउ नवभारत को दिए एक्सक्लूजिव इंटरव्यू में जानिए क्या कहा?

नागोया: भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू आखिरकार एशियाई खेलों में पहली बार कोई पदक जीतने में सफल रहीं। उन्होंने जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में महिलाओं के 49 किलो भार वर्ग में अपना सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। मीराबाई चानू ने एशियाड में अपना पहला पदक जीतकर एशियाई खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में भारत का 28 साल लंबा सूखा भी खत्म कर दिया। उनसे पहले साल 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने बैंकॉक एशियाई खेलों में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता था। एशियाड में ऐतिहासिक पदक जीतने के बाद मीराबाई चानू ने टाइम्स नाउ संवाददाता करिश्मा सिंह को दिए साक्षात्कार में अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा दिया। पेश हैं साक्षात्कार के मुख्य अंश

Mirabai Chanu

मीराबाई चानू

पूरा हुआ एशियाई खेलों में पदक का सपना

एशियाई खेल 2026 में सिल्वर मेडल अपने नाम करने के बाद अपनी कंसिस्टेंसी का राज साझा करते हुए मीराबाई चानू ने कहा, मैं कुछ खास नहीं करती हैं लेकिन मुझे इस बार एशियाई खेलों में कुछ कर दिखाना था। मेरी चाहत और सपना था कि एशियन गेम्स में पदक जीतूं क्योंकि मेरे पास यही मेडल बाकी था। आज मेरा वो सपना पूरा हो गया है। मैंने अपना और कोच सर का सपना पूरा किया इसलिए मैं ज्यादा खुश हूं।

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