नोएडा, 24 अक्टूबर 2026: शनिवार को नोएडा स्थित जिंदल पोलो एस्टेट में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में जिंदल पैंथर ने अरावली को 10–5.5 से हराकर जिंदल पैंथर शील्ड 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। पूरे मैच में जिंदल पैंथर के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल, आक्रामक खेल और जीत के जज्बे का अद्भुत प्रदर्शन किया। जिंदल पैंथर की ओर से सिमरन शेरगिल और सिद्धांत शर्मा ने चार-चार गोल कर अहम भूमिका निभाई। दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए अपनी टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। टीम के संरक्षक नवीन जिंदल ने भी दो महत्वपूर्ण गोल कर टीम की जीत में योगदान दिया।पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए गौरव सहगल को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर) चुना गया।
जिंदल पैंथर (साभार-x)
उपविजेता रही अरावली टीम की ओर से अंगद कलान, नॉडी, जे.एम. जुरी और दीपु ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, जिंदल पैंथर के आक्रामक खेल के सामने अरावली की टीम 4.5 गोल के अंतर से मुकाबला हार गई। चैंपियनशिप जीतने पर खुशी जताते हुए जिंदल पैंथर टीम के संरक्षक नवीन जिंदल ने कहा, "जिंदल पैंथर शील्ड जीतना हमारी पूरी टीम के लिए गर्व और खुशी का अवसर है। मैं अपने सभी खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूं। साथ ही, टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी टीमों की भी सराहना करता हूं, जिन्होंने अपने बेहतरीन खेल से मुकाबलों को रोमांचक बनाया।
LA में पोलो की वापसी की जताई उम्मीद
पोलो एक शानदार खेल है, जिसमें साहस, कौशल, अनुशासन और टीम भावना का अनूठा मेल देखने को मिलता है। हमें उम्मीद है कि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में पोलो की वापसी होगी और इस ऐतिहासिक खेल को दुनिया भर में नई पहचान मिलेगी। भारत में पोलो की समृद्ध परंपरा रही है। हमारा प्रयास है कि इस खेल को और लोकप्रिय बनाया जाए तथा अधिक से अधिक युवाओं को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। नोएडा स्थित जिंदल पोलो एस्टेट खेल प्रेमियों और परिवारों का स्वागत करता है। मैं सभी खेल प्रेमियों को आमंत्रित करता हूं कि वे यहां आएं, पोलो के रोमांचक मुकाबले देखें और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं। हम चाहते हैं कि पोलो केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि अधिक से अधिक लोग इस खेल से जुड़ें।"
रोमांचक रहा रोड टू फाइनल
जिंदल पैंथर शील्ड 2026 के फाइनल तक पहुंचने का सफर भी बेहद रोमांचक रहा। लीग मुकाबलों में तीनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को खेले गए अंतिम लीग मुकाबले में वल्कन पोलो ने जिंदल पैंथर को बेहद करीबी मुकाबले में 7.5–7 से हराया। वल्कन पोलो को हैंडीकैप के आधार पर शुरुआत में 1.5 गोल की बढ़त मिली थी। दोनों टीमों के बीच आखिरी समय तक कांटे की टक्कर रही।
इस नतीजे के बाद टूर्नामेंट में भाग लेने वाली तीनों टीमें—जिंदल पैंथर, अरावली और वल्कन पोलो—बराबरी पर आ गईं। तीनों टीमों ने लीग चरण में एक-एक मैच जीता और एक-एक मैच हारा था। ऐसे में फाइनल में पहुंचने वाली दो टीमों का फैसला करने के लिए पेनल्टी शूटआउट कराना पड़ा।
पेनल्टी शूटआउट से फाइनलिस्ट का फैसला
शनिवार, 24 अक्टूबर की सुबह 10 बजे जिंदल पोलो एस्टेट में तीनों टीमों के बीच पेनल्टी शूटआउट हुआ। इसके तहत प्रत्येक टीम के एक खिलाड़ी को 60 गज की दूरी से पांच-पांच पेनल्टी शॉट लगाने का मौका दिया गया। इस रोमांचक मुकाबले के बाद जिंदल पैंथर और अरावली ने फाइनल में अपनी जगह बनाई, जबकि वल्कन पोलो की टीम खिताबी मुकाबले की दौड़ से बाहर हो गई।
फाइनल मुकाबले में जिंदल पैंथर ने एक बार फिर अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल, तेज आक्रमण और सटीक गोल की बदौलत टीम ने अरावली को हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की। सिमरन शेरगिल और सिद्धांत शर्मा के चार-चार गोल, नवीन जिंदल के दो महत्वपूर्ण गोल और गौरव सहगल के शानदार प्रदर्शन ने टीम की जीत को यादगार बना दिया।
जिंदल पैंथर शील्ड 2026 के दौरान पोलो के खेल में रफ्तार, घुड़सवारी के कौशल, सटीक निशाने और टीम भावना का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। लीग मुकाबलों में कड़ी टक्कर, फाइनल में पहुंचने के लिए रोमांचक पेनल्टी शूटआउट और खिताबी मुकाबले में शानदार खेल के साथ टूर्नामेंट का सफल समापन हुआ। इस टूर्नामेंट ने न केवल पोलो खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि भारत में इस खेल को लोकप्रिय बनाने और नई पीढ़ी को पोलो से जोड़ने का संदेश भी दिया।
