Jay Meena: क्रिकेटर बनने की चाहत ने बना दिया बॉल ब्वॉय, अब एशियन गेम्स में मेडल जीत जय मीणा ने रचा इतिहास

जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला एशियाड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उनके सफर की शुरुआत क्रिकेट में दिलचस्पी से हुई थी, जिसके बाद उन्हें सॉफ्ट टेनिस के बारे में पता चला। मीणा ने नेशनल गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बड़ी सफलता हासिल की, जिसमें वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में जीता गया ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल है।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल जीतने का जय मीणा का सफर रैकेट से नहीं, बल्कि क्रिकेट में दिलचस्पी से शुरू हुआ था। कभी क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले 14 साल के मीणा ने अब इतिहास रच दिया है। बुधवार को एशियाई खेलों में मेंस के सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्हें सेमीफाइनल में जापान के खिलाड़ी से हार का सामना करना पड़ा। मीणा का यहां तक पहुंचने का सफर बेहद रोमांचक रहा है।

Jay Meena.

जय मीणा की विजय गाथा।

मीणा के लिए इस मुकाम तक पहुंचने का सफर लगभग इत्तेफाक से शुरू हुआ। मध्य प्रदेश के देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में शामिल होने के बाद उन्हें एक सॉफ्ट टेनिस कोर्ट दिखा। शुरू में इस अनजान खेल के बारे में उत्सुकता होने पर उन्होंने पहले खिलाड़ियों को खेलते हुए देखा और फिर बॉल बॉय के तौर पर मदद करना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने खुद भी खेलना शुरू कर दिया।

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