एशियन पैरा गेम्स का पहला दिन भारत के नाम रहा। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने प्वाइंट्स टेबल में कुल 11 मेडल के साथ चौथे नंबर पर फिनिश किया। 11 में से 4 भारत ने गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते। पैरा एथलेटिक्स में भारत ने 3 गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज के साथ सर्वाधिक 6 जबकि पैरा जूडो में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज जीता। पैरा स्वीमिंग में भारत ने एक सिल्वर जबकि शूटिंग में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता।
एशियन पैरा गेम्स 2026 (साभार-X)
जैवलिन में भारत ने डबल पोडियम फिनिश किया, जहां रिंकू ने एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि अजीत सिंह ने रजत पदक हासिल किया। रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने अजीत को महज नौ सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर शारीरिक अक्षमता हो।
इसके अलावा भारत की सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है।
भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में रजत पदक जीता। बुडिगिना ने 56.68 सेकेंड का समय लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। एस13 वर्ग दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए है। हालांकि, पैरालंपिक खेलों में पात्र दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की श्रेणियों में इस वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टि संबंधी अक्षमता सबसे कम होती है।
मेडस टैली (साभार-X)
निषाद कुमार ने लंबी कूद टी47 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में भी ऊंची कूद की टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने मौजूदा खेलों की पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता के पहले दिन लंबी कूद में अपने तीसरे और पांचवें दोनों प्रयासों में 7.11 मीटर की छलांग लगाई।
