Hockey World Cup 2026: आत्मविश्वास से लबरेज भारतीय महिला हॉकी टीम FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत रविवार को पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ करेगी। पूल-D को 'ग्रुप ऑफ डेथ' कहा जा रहा है और इसमें भारत के अलावा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका भी हैं। ऐसे में कोच शोर्ड मारिन की टीम शुरुआती मैच में कोई गलती नहीं करना चाहेगी।
महिला हॉकी टीम (फोटो साभार- #HockeyIndia)
चीन से सावधान रहना होगा
विश्व रैंकिंग में भारत 9वें और चीन दूसरे स्थान पर है। टूर्नामेंट के नए फॉर्मेट में हर मैच अहम है, इसलिए अच्छी शुरुआत टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए जरूरी होगी। यूरोप की परिस्थितियों में ढलने के लिए भारतीय टीम पहले ही नीदरलैंड पहुंच गई थी। भीषण गर्मी में वेगनेर स्टेडियम में कड़ी ट्रेनिंग के साथ टीम ने नीदरलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच भी खेला। चीन से मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों में भी भारत का सामना उससे होगा।
सलीमा टेटे की कप्तानी वाली टीम में 11 खिलाड़ी पहली बार विश्व कप खेलेंगी, लेकिन अनुभव की कमी नहीं है। 313 मैच खेल चुकी गोलकीपर सविता सबसे अनुभवी हैं। उनके अलावा सुशीला चानू 262, नवनीत कौर 211, निक्की प्रधान 207 और नेहा गोयल 202 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं। सविता ने कहा, "टोक्यो ओलंपिक में पदक से चूकने का दर्द आज भी है। इस बार हम कोई कोताही नहीं बरतेंगे। लोगों को हमसे उम्मीद हो या न हो, हमें खुद से बहुत उम्मीदें हैं। हम पोडियम फिनिश करना चाहते हैं।"
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें- पाकिस्तान हॉकी के पतन की वजह घरेलू ढांचा, भारत ने 2008 से सबक सीखा- सलमान अकबर
पिछले एक साल में भारत का प्रदर्शन अच्छा
पिछले एक साल में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड में नेशंस कप जीतकर टीम ने प्रो लीग में वापसी की। ड्रैग-फ्लिकर दीपिका ने चोट से वापसी कर 6 गोल किए। एशिया कप में चीन ने भारत को 4-1 से हराया था, लेकिन विश्व कप क्वालीफायर में भारत फाइनल तक पहुंचा। दोनों टूर्नामेंट में नवनीत कौर हीरो रही थीं। कोच शोर्ड मारिन ने कहा, "हम इसे नेशंस कप के बाद अगला कदम मान रहे हैं। टीम आत्मविश्वास से भरी है।" उनके साथ वेन लोम्बार्ड, मथियास विला और ताइके ताकेमा जैसा अनुभवी स्टाफ है।
दूसरी ओर चीन ने पेरिस ओलंपिक में रजत जीता और 2025 एशिया कप में भारत को हराकर खिताब जीता। उनकी कोच एलिसन अन्नान 6 बार FIH की सर्वश्रेष्ठ कोच रह चुकी हैं। भारत के लिए चुनौती बड़ी है, लेकिन चीन के खिलाफ जीत एशियाई खेलों से पहले मनोवैज्ञानिक बढ़त देगी। भारत का विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में चौथा स्थान रहा था।
