पीवी सिंधू ने क्यों कहा, शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए रुकवाट नहीं है उम्र

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने दिसंबर में होने बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। 31 साल की उम्र में शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया है।

नई दिल्ली: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने दिसंबर में होने वाले सत्रांत बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है और इस दो बार की ओलंपिक पदक विजेता का मानना है कि शीर्ष स्तर का प्रतिस्पर्धा करने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। सिंधू महिला एकल बैडमिंटन खिलाड़ियों की उस ’स्वर्णिम पीढ़ी’ का अहम हिस्सा रही हैं जिसमें कैरोलिना मारिन, नोजोमी ओकुहारा, रत्चानोक इंतानोन और ताई जू यिंग जैसी दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी शामिल हैं। यह भारतीय खिलाड़ी फिलहाल विश्व टूर क्वालीफिकेशन रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं। सत्र के आखिरी टूर्नामेंट के लिए शीर्ष आठ खिलाड़ियों को जगह मिलती है।

PV Sindhu

पीवी सिंधू (फाइल फोटो)

विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंची सिंधु

हैदराबाद की 31 वर्षीय सिंधू ने रविवार को हाइलो ओपन सुपर 500 का खिताब जीतकर इस सत्र की अपनी दूसरी ट्रॉफी हासिल की। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीता था जबकि पिछले महीने फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं। हालिया प्रदर्शन की बदौलत सिंधू विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंच गई हैं। चीन में नौ से 13 दिसंबर तक होने वाले विश्व टूर फाइनल्स से पहले यह उनके लिए अहम उपलब्धि है। सिंधू ने कहा,'मैं खुश हूं कि अब शीर्ष छह में पहुंच गई हूं। मुझे लगता है कि अगर आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो जीत अपने आप मिलने लगती है और आपकी रैंकिंग भी बेहतर होती है। अगर आप अच्छा खेलते हैं और टूर्नामेंट जीतते हैं तो आपको सिर्फ रैंकिंग के बारे में सोचने की जरूरत नहीं होती। इसमें अपने आप सुधार होता है।'

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