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गोल्ड, सिल्वर, ब्रॉन्ज: कमाल हो गया! भारत ने एशियन पैरा गेम्स शॉट पुट F64 इवेंट में जीते तीनों मेडल

एशियन पैरा गेम्स के पैरा एथलेटिक्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। मेंस के शॉट पुट F46 कैटेगरी इवेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने क्लीन स्वीप करते हुए गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। सचिन खिलारी ने स्वर्ण पदक जीता, मोहम्मद यासिर ने रजत पदक हासिल किया, जबकि परवीन ने कांस्य पदक जीता।

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भारत ने शॉट पुट में किया क्लीन स्वीप।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार को एशियाई पैरा खेलों में मेंस के शॉट पुट F46 इवेंट में भारत ने तीनों पदक जीते। सचिन सर्जेराव खिलारी ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मोहम्मद यासर ने तीसरे राउंड में 15.06 मीटर की थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि परवीन ने 14.94 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। भारत ने शॉट पुट इवेंट में क्लीन स्वीप किया।

पेरिस पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलारी ने चीन में हुए पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया। उन्होंने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 15.87 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका और एक नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले का रिकॉर्ड 15.67 मीटर था।

महिला शॉट पुट इवेंट में सिल्वर

वहीं, भाग्यश्री जाधव ने महिलाओं के शॉट पुट F34 इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। भारतीय एथलीट ने अपने तीसरे प्रयास में 8.19 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और चीन की जू लिजुआन के बाद दूसरे स्थान पर रहीं। जू लिजुआन ने 9.07 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता।

100 मीटर T35 में ब्रॉन्ज

वहीं, इससे पहले पैरा एथलीट में ही भारत ने एक और मेडल जीता। भारत के अनुभव चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में मेंस की 100 मीटर T35 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

F46 कैटेगरी क्या है?

F46 कैटेगरी उन फील्ड एथलीटों के लिए है, जिनकी एक बांह कोहनी के ऊपर या नीचे से कटी हुई हो या जिन्हें ऊपरी अंगों से जुड़ी कोई ऐसी ही शारीरिक अक्षमता हो। इसमें एथलीट खड़े होकर हिस्सा लेते हैं और अपनी थ्रो के लिए ताकत जुटाने के लिए अपने कूल्हों और पैरों का इस्तेमाल करते हैं।

पांचवें स्थान पर पहुंचा भारत

भारत ने पदक तालिका में तीसरे दिन छलांग लगाई। वह 12 गोल्ड, 15 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल के साथ छठे स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने अभी तक कुल 45 मेडल जीत लिए हैं। पहले दिन भारत ने 11 मेडल जीते थे। दूसरे दिन यह संख्या 38 तक पहुंच गई। तीसरे दिन भी पदकों के जीत का सिलसिला जारी है।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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