भारतीय महिला हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से करारी शिकस्त देकर एफआईएच विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। भारत की ओर से सुनेलिटा टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी रानी ने गोल किए और टीम को विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी जीत दिला दी। दक्षिण अफ्रीका की ओर से एकमात्र गोल चौथे क्वार्टर में आया, जब कायला डि वाल ने गोल किया। भारतीय टीम इस मुकाबले में आत्मविश्वास के साथ उतरी थी। उसने अपने शुरुआती मुकाबले में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2-2 से बराबरी पर रोका था। भारत का अगला मुकाबला इंग्लैंड से होगा। दूसरे राउंड में जाने के लिए अब इस टीम को केवल एक ड्रॉ की जरूरत है।
भारत और साउथ अफ्रीका (साभार-X)
हराया ही नहीं तोड़ा दक्षिण अफ्रीका का मनोबल
इस मुकाबले से पहले भारतीय महिला टीम को फेवरेट माना जा रहा था और वो खेली भी उसी तरह खेली भी। पहले क्वार्टर में साक्षी राणा के बेहतरीन पास को टोप्पो ने गोल में बदला और भारतीय टीम को बढ़त दिला दी। इस गोल से दक्षिण अफ्रीका ऊबर पाती इससे पहले दूसरे क्वार्टर के शुरुआती कुछ मिनटों में नवनीत कौर से 2-0 की बढ़त दिला दी। जल्द ही दीपिका के पास को सुशीला चानू ने गोल में बदलकर भारत की जीत लगभग पक्की कर दी। लेकिन भारतीय टीम इस मुकाबले में अलग ही रंग में नजर आ रही थी और उसने गोल करने का सिलसिला लगातार जारी रखा। आक्रामकता के साथ-साथ टीम ने अपने डिफेंस को भी मजबूत रखा। नतीजा 3 क्वार्टर तक साउथ अफ्रीका की टीम गोल के लिए तरसते रही।
हाफ टाइम में भारत का स्कोर 3-0 था, लेकिन कोच मारिन अपनी लड़कियों से और गोल चाह रहे थे। भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें निराश नहीं किया। तीसरे क्वार्टर में भारत की ओर से 3 गोल और दागे गए। इसके साथ ही उसने वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी जीत अपने नाम कर ली थी। तीसरे क्वार्टर में दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी रानी ने गोल दागे। चौथे क्वार्टर में साउथ अफ्रीका की टीम भारत के डिफेंस को भेदने में कामयाब रही और मैच का एकमात्र गोल किया।
