नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के भावी मेजबान आयोग के सदसय एंड्रयू पार्सन्स का मानना है कि आर्थिक और खेलों के क्षेत्र में विकास की बदौलत 2036 ओलंपिक की मेजबानी का इच्छुक भारत सही दिशा में आगे बढ रहा है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईपीसी) के अध्यक्ष पार्सन्स ने कहा कि भारत ने ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिये अच्छी शुरूआत की है । ओलंपिक 2032 तक ओलंपिक मेजबान देश में ही पैरालम्पिक का भी आयोजन होगा। पार्सन्स ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा,'आईपीसी का अध्यक्ष और आईओसी भावी मेजबान आयोग का सदस्य होने के नाते मैं संभावना के बारे में नहीं कह सकता । लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि एक देश के रूप में भारत सही दिशा में आगे बढ रहा है ।'
एंड्रयू पार्सन्स( फोटो क्रेडिट New Zealand Paralympic Committee)
तीसरी और आखिरी बार आईपीसी के अध्यक्ष चुने गए ब्राजील के पार्सन्स ने कहा,'आर्थिक रूप से विकास और खेलों के क्षेत्र में प्रगति के आधार पर मैं ऐसा कह सकता हूं।' भारत में पहली बार हो रही विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के लिये यहां आये पार्सन्स ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिये भारत सरकार की प्रतिबद्धता और इच्छाशक्ति से भी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा,'मैं देख रहा हूं कि यह देश खेलों के प्रति इतना समर्पित है कि ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है। प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) इतनी मजबूती से इसके साथ खड़े हैं। मैं दो साल पहले आईओसी के सत्र में यहां आया था और उन्होंने तभी कह दिया था कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी का इच्छुक है।'
पार्सन्स ने कहा,'आपके शीर्ष नेता का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण है। ब्राजील का होने के नाते और 2016 रियो अेलंपिक की मेजबानी के अनुभव के नाते मैं कह सकता हूं कि देश के प्रमुख का समर्थन होना कितना जरूरी है। आपके पास ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो इतने सक्रिय हैं और भारत के दृष्टिकोण के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं तो यह बहुत अच्छी शुरूआत है।'
क्रिकेट को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में शामिल किया गया है लेकिन पार्सन्स ने कहा कि फिलहाल पैरालम्पिक में जगह बनाने में इसे समय लगेगा। उन्होंने कहा,'लॉस एंजिलिस पैरालंपिक का खेल कार्यक्रम तय हो चुका है । इसमें क्रिकेट नहीं है । हम ब्रिसबेन पैरालम्पिक 2032 के लिये खेलों के चयन की प्रक्रिया में हैं । अभी दुनिया में पैरा क्रिकेट में कुछ पहल की जा रही है जिनमें से अधिकांश भारत में है । लेकिन खिलाड़ियों की संख्या, प्रत्येक चार साल में आयोजन और अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के मद्देनजर अभी उतनी प्रासंगिक नहीं हैं ।भविष्य में पैरालम्पिक में शायद क्रिकेट हो सकता है लेकिन अभी वह बहुत दूर की बात है ।’’
(भाषा)
