R Praggnanandhaa beats D Gukesh: भारत के ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने टाटा स्टील मास्टर्स 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। उन्होंने रविवार, 2 फरवरी को विश्व चैंपियन डी. गुकेश को एक रोमांचक टाईब्रेकर में हराकर यह उपलब्धि हासिल की। प्रज्ञानंद विश्वनाथन आनंद के बाद पहले भारतीय बन गए हैं, जिन्होंने 2006 के बाद टाटा स्टील मास्टर्स का शीर्ष पुरस्कार जीता है। प्रज्ञानंदा केवल 19 साल के हैं। बता दें कि डी गुकेश हाल ही में वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप में विजेता बने थे।
आर .प्रज्ञानंद (फोटो- PTI)
14 खिलाड़ियों वाले राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट में गुकेश और प्रज्ञानंद 13 क्लासिकल राउंड के बाद बराबरी पर थे। दोनों ने अपने अंतिम क्लासिकल मैच हारे, जिसके बाद उन्हें टाईब्रेकर में उतरना पड़ा। गुकेश, जो टूर्नामेंट में अब तक अपराजित थे, ने ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी के खिलाफ 31 चालों में हारकर विश्व चैंपियन के रूप में अपना पहला क्लासिकल मैच गंवाया। वहीं, प्रज्ञानंद ने ग्रैंडमास्टर विन्सेंट कीमर के खिलाफ एक लंबे मैच में हार का सामना किया।
टाईब्रेकर में जोरदार वापसी
टाईब्रेकर के पहले गेम में गुकेश ने सफेद मोहरों के साथ जीत दर्ज की और खिताब के करीब पहुंच गए। दूसरे गेम में ड्रॉ होने पर गुकेश के लिए खिताब जीतना तय था, लेकिन प्रज्ञानंद ने पीछे से जोरदार वापसी करते हुए दोनों ब्लिट्ज गेम जीत लिए और विश्व चैंपियन को चौंका दिया।
सडन डेथ में निर्णायक जीत
टाईब्रेकर के दो गेम्स के बाद भी जब दोनों खिलाड़ी बराबरी पर रहे, तो सडन डेथ में निर्णायक मुकाबला हुआ। आखिरी 10 सेकंड में मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था, लेकिन गुकेश की एक गलती ने प्रज्ञानंद को जीत दिला दी।
ऐतिहासिक पल
यह नज़ारा 2013 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की याद दिलाता है, जब मैग्नस कार्लसन और व्लादिमीर क्रामनिक दोनों ने अपने अंतिम मैच हारे थे, लेकिन कार्लसन ने टाईब्रेकर जीतकर विश्व चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया था।
चैलेंजर्स में वियतनाम का दबदबा
वहीं, टाटा स्टील चैलेंजर्स 2025 का खिताब वियतनाम के थाई दाई वान न्गुयेन ने जीता। प्रज्ञानंद की बहन आर. वैशाली नौवें स्थान पर रहीं, जबकि दिव्या देशमुख 14 खिलाड़ियों वाले टूर्नामेंट में 12वें स्थान पर रहीं।
