सिडनी: ओल्गा कार्मोना के शुरूआती हाफ में किए गए गोल की मदद से स्पेन ने रविवार को महिला फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड को 1-0 से हराकर पहली बार यह खिताब जीता। दोनों टीमें पहली बार महिला विश्व कप का फाइनल खेल रही थी। इस जीत ने ला रोजा (स्पेन की महिला फुटबॉल टीम) को उनकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी दिलाई। टीम ने इसके साथ ही पिछले साल यूरोपीय चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड से मिली शिकस्त का बदला भी चुकता कर लिया।
विश्व विजय का जश्न मनाती स्पेनिश महिला टीम की खिलाड़ी(साभार FIFA)
द लायनेसेस (इंग्लैंड की महिला फुटबॉल टीम) फाइनल में मैच से पहले तक अजेय रही थी। टीम का लक्ष्य 1966 के बाद पहली बार इंग्लैंड को विश्व कप दिलाना था। इंग्लैंड की गोलकीपर मैरी अर्प्स ने 70वें में जेनी हर्मोसो की पेनल्टी किक को शानदार तरीके से बचाया।
पहली बार प्री-क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ पाया था स्पेन
खिताब जीतने वाले स्पेनिश टीम इससे पहले राउंड-16 से आगे कभी नहीं बढ़ सकी थी। नॉकआउट राउंड में प्री-क्वार्टर फाइनल, क्वार्टर फाइनल और फाइनल में स्विटजरलैंड, नीदरलैंड और स्वीडन को मात दी। इसके बाद इंग्लैंड को फाइनल में पटखनी देकर स्पेन ने अपनी इस उपलब्धि को और बड़ा कर लिया है।
पुरुष और महिला विश्व कप जीतने वाली दूसरी टीम
साल 2007 के बाद कोई यूरोपीय टीम पहली बार महिला विश्व कप खिताब अपने नाम करने में सफल रही थी। जर्मनी ने साल 2007 में खिताब अपने नाम किया था। इसके साथ ही स्पेन महिला और पुरुष दोनों वर्ग में फीफा विश्व कप जीतने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया है। इससे पहले जर्मनी ही ऐसा कर सका था।
