स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के कुन्नूर में स्थित सिंथेटिक ट्रैक पर जब मोहम्मद अफसल पुलिक्कलाकाथ दौड़ते हैं, तो उनकी रफ्तार देखने लायक होती है। अफसल भारत के 800 मीटर दौड़ के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं। 1:45 मिनट में रेस पूरी करने वाले देश के पहले एथलीट हैं।
मोहम्मद अफसल पुलिक्कलाकाथ।
अफसल को 10 साल की उम्र तक फुटबॉल का शौक था, लेकिन एक दिन मैच के दौरान पैर फ्रैक्चर हो गया। डर के मारे पिता ने अफसल पुलिक्कलाकाथ के फुटबॉल खेलने पर पाबंदी लगा दी। इसके बाद अफसल का रुख एथलेटिक्स की ओर हुआ। उनके घर से एथलेटिक्स के लिए मशहूर परली गवर्नमेंट स्कूल की दूरी 22 किलोमीटर थी।
अखबार बांटने वाले वैन ड्राइवर ने की मदद
परली में ट्रेनिंग सुबह 5:30 बजे शुरू होती थी, लेकिन अफसल के गांव से पहली बस ही सुबह 6:30 बजे चलती थी। समय पर ट्रेनिंग में पहुंचने के लिए अफसल के परिवार ने अखबार बांटने वाले स्थानीय वैन चालकों से बात की। वे अफसल को स्कूल छोड़ने को तैयार हो गए।
अफसल पुलिक्कलाकाथ तड़के 3 बजे स्कूल पहुंचते। वे अपने साथ छोटा गद्दा और टॉर्च ले जाते थे। ताकि दो घंटे स्कूल के बरामदे में गद्दा बिछाकर सो सकें। मेहनत रंग लाई और अफसल जूनियर स्तर पर मेडल जीतने लगे। अखबारों में उनकी तस्वीरें छपने लगीं। हासिल ये हुआ कि अफसल जिन अखबार की गाड़ियों में सफर करते थे, उन ड्राइवरों ने अफसल से पैसे लेना बंद कर दिए।
करियर में आया ठहराव
साल 2018 में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन उसी दौड़ में जॉनसन ने नेशनल रिकॉर्ड बना दिया। इसके बाद अफसल के करियर में ठहराव आ गया। 2021 में चोट के कारण उन्हें ओलिंपिक कैंप से बाहर कर दिया गया। हताश होकर अफसल पुलिक्कलाकाथ एथलेटिक्स छोड़ने की सोचने लगे।
हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने दौड़ने की टेक्निक में बदलाव किया। नतीजा यह रहा कि मई 2025 में दुबई में अफसल ने जिनसन का पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1:45.61 मिनट का समय निकाला। दो महीने बाद पोलैंड में उन्होंने 1:44.93 मिनट का समय निकालकर इतिहास रच दिया। मोहम्मद अफसल ने एशियाई खेल 2023 में 800 मीटर में 1:48.43 के समय के साथ रजत पदक जीता था। 30 वर्षीय अफसल का लक्ष्य अब एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जीतना है।
शादी से एक दिन पहले घर पहुंचे
अपने लक्ष्य को लेकर अफसल इतने समर्पित हैं कि उन्होंने निजी जिंदगी में भी कई बड़े समझौते किए हैं। पिछले साल अपनी शादी से ठीक पहले वे बेल्जियम में एक रेस में हिस्सा ले रहे थे। अफसल शादी से ठीक एक दिन पहले अपने घर पहुंचे। खेल के प्रति उनका जुनून ऐसा है कि शादी के अगले ही दिन कोच अजीत के निर्देश पर वे फिर से ट्रैक पर दौड़ लगा रहे थे।
