फाइनल से पहले मां की डांट बनी ईशा सिंह के लिए वरदान, एशियन गेम्स में जीता सिल्वर मेडल

Isha Singh: ईशा सिंह ने मेडल जीतने के बाद बताया कि वह काफी दबाव में थीं और सो नहीं पा रही थीं। फिर मां से बात हुई, जिसने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने फाइनल से पहले फोन किया और डांटने लगी कि इतना तनाव क्यों ले रही हो।

Isha Singh: एशियन गेम्स 2026 में महिला 25 मीटर पिस्टल के फाइनल से पहले हैदराबाद की 21 साल की शूटर ईशा सिंह बेहद दबाव में थीं। नींद नहीं आ रही थी, दिमाग में सिर्फ मेडल का टेंशन था। लेकिन फाइनल से एक रात पहले मां से मिली एक जोरदार डांट उनके लिए वरदान बन गई और अगले दिन उन्होंने रोमांचक मुकाबले में सिल्वर मेडल जीत लिया। ईशा इस इवेंट में वर्ल्ड नंबर 1 हैं। पिछले हांगझोउ एशियन गेम्स में उन्होंने 4 मेडल जीते थे, इसलिए इस बार उम्मीदें ज्यादा थीं। फाइनल से पहले वह मेंटल प्रेशर में आ गई थीं।

Esha Singh (1)

ईशा सिंह (फोटो साभार- eshasingh)

मां ने फाइनल से पहले लगाई डांट

ईशा ने खुद बताया, "मैं झूठ नहीं बोलूंगी। काफी दबाव में थी और सो नहीं पा रही थी। फिर मां से हुई बात ने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने कल रात फोन किया और डांटने लगी कि इतना तनाव क्यों ले रही हो।" ईशा को उम्मीद थी कि मां से सहानुभूति मिलेगी, लेकिन मिला उल्टा। ईशा ने हंसते हुए कहा, "मैं हमदर्दी तलाश रही थी और मुझे भाषण मिल गया। मां ने मुझसे कहा कि खेल का आनंद लो। सभी को यह मौका नहीं मिलता। उन्होंने मुझे चुपचाप सोने के लिए कहा। मुझे लगता है कि वह डांट जरूरी थी।"

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