ग्लास्गो: भारत के 31 वर्षीय अनुभवी मुक्केबाज नरेंदर बेरवाल को ग्लास्गो को राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के 90 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इंग्लैंड के मुक्केबाज डमार थॉमस ने नरेंदर को एकतरफा अंदाज में पटखनी देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। नरेंदर बेरवाल को पहले राउंड में 1-4 से पिछड़ गए थे। इंग्लिश मुक्केबाज डमार थॉमस ने उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया और दूसरा राउंड भी 5-0 से अपने नाम कर लिया। इसके बाद अंतिम राउंड में नरेंदर वापसी नहीं कर सके और उन्हें सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा। नरेंदर की हार के साथ ही भारत का ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में बॉक्सिंग में धमाकेदार अभियान समाप्त हो गया। भारतीय मुक्केबाज 10 वर्ग के फाइनल में पहुंचे थे जिसमें से 7 में वो गोल्ड मेडल अपने नाम करने में सफल रहे।
नरेंदर बेरवाल (फोटो क्रेडिट AI Generated)
बॉक्सिंग में भारत ने जीते सात गोल्ड, 3 सिल्वर मेडल
प्रीति पवार(विमेंस 54 किलो), जैस्मिन लंबोरिया(विमेंस 57 किग्रा ) और साक्षी चौधरी (विमेंस 51 किग्रा), प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी (विमेंस 70 किग्रा), सचिन सिवाच(पुरुष 60 किग्रा)ने ग्लास्गो में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं जादूमणि सिंह(55 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन(विमेंस 75 किग्रा) और नरेंदर बेरवाल को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। भारतीय महिलाओं ने 6 में से 5 गोल्ड और एक सिल्वर जीता है। वहीं पुरुष मुक्केबाज दो गोल्ड और दो सिल्वर चार पदक अपने नाम कर सके।
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भारत के पदकों की संख्या हुई 38, पदक तालिका में पहुंचा चौथे स्थान पर
नरेंदर बेरवाल के सिल्वर मेडल के साथ ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदकों की संख्या 38 हो गई है। भारत की झोली में 13 गोल्ड,17 सिल्वर और 8 कांस्य पदक आ चुके हैं। बॉक्सिंग रिंग में भारत के खाते में 7 गोल्ड और 3 सिल्वर सहित कुल 10 मेडल आए। यह भारत का राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 38 पदक के साथ भारत अंक तालिका में चौथे पायदान पर पहुंच गया है। भारत अब पदकों के मामले में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा से पीछे है।
