इंदौर: बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2-0 से आगे चल रही रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम इंदौर टेस्ट में हार की कगार पर पहुंच गई। कंगारू स्पिनरों के सामने इंदौर की घुमावदार पिच पर दोनों पारियों में भारतीय बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए। पहली पारी में 109 रन पर ढेर होने वाली टीम इंडिया, 88 रन से पिछड़ने के बाद अपनी दूसरी पारी में केवल 163 रन बनाकर ढेर हो गई। ऐसे में जीत के लिए स्टीव स्मिथ की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को 76 रन का लक्ष्य मिला है।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट
2017 में पुणे टेस्ट में जीता था ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलियाई टीम साल 2017 में स्टीव स्मिथ की कप्तानी में ही पुणे में भारतीय टीम को पटखनी देने में सफल रही थी। उस मैच में जीत के हीरो स्पिनर स्टीव ओ'कीफ रहे थे। इंदौर में वही काम मैथ्यू कुह्नमेन और नाथन लॉयन ने कर दिखाया है और 6 साल बाद टीम को भारतीय सरजमीं पर जीत की चौखट तक ले आए हैं।
जीत के लिए तोड़ना पड़ेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड
ऐसे में अगर भारतीय टीम को कंगारुओं के जीत के सपने को तोड़ना है तो फॉर्म में चल रही रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की जोड़ी को कुछ विशिष्ट करना होगा। जिसके लिए उन्हें क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाए। अगर भारतीय टीम शुक्रवार को जीत दर्ज करके सीरीज में 3-0 की बढ़त बनाने में सफल होती है तो इसके साथ वो टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे छोटे स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली टीम बन जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया ने बचाया था 85 रन का स्कोर
टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सफलतापूर्वक किसी टीम द्वारा बचाया गया सबसे कम स्कोर 85 रन है। ये रिकॉर्ड 141 साल पहले यह कारनामा ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ सन 1882 में इंग्लैंड के ओवल मैदान पर किया था। जीत के लिए चौथी पारी में 85 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 77 रन पर ढेर हो गई थी और मुकाबला 7 रन से गंवा दिया था।
इस लक्ष्य का बचाव कर चुकी है टीम इंडिया
भारतीय टीम इससे पहले साल 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 107 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए जीत हासिल कर चुकी है। यह टीम इंडिया द्वारा टेस्ट इतिहास में सफलतापूर्वक बचाव किया गया सबसे छोटा स्कोर है। साल 2004 के उस मुकाबले में 107 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम अनिल कुंबले और मुरली कार्तिक की घातक गेंदबाजी की वजह से चौथी पारी में 93 रन पर ढेर हो गई थी और 13 रन से ये मैच गंवा दिया था।
