खिलाड़ियों के साथ परिवार न जाने के बीसीसीआई नियमों पर पहली बार बोले विराट कोहली

बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने एक नई पॉलिसी लाई थी जिसके तहत टीम के साथ उनके परिवार के जाने पर कुछ खास शर्तों के साथ लगा दी गई थी। अब इस पूरे नियम पर विराट की प्रतिक्रिया आई है और वह इस नियम के खिलाफ हैं।

पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का मानना है कि लंबे दौरों पर खिलाड़ियों के साथ परिवार की मौजूदगी होनी चाहिए क्योंकि, इससे मैदान पर कठिन दौर से गुजर रहे खिलाड़ियों की जिंदगी को संतुलन मिलता है। कोहली ने कहा, "लोगों को यह समझाना बहुत मुश्किल है कि जब भी किसी खिलाड़ी का कठिन समय होता है, तो परिवार के पास लौट आना आपको कितना संतुलन प्रदान करता है। मुझे नहीं लगता कि लोग इस बात की पूरी समझ रखते हैं कि यह कितना मूल्यवान है। परिवार का क्रिकेट पर कोई नियंत्रण नहीं होता है, फिर भी उन्हें बातचीत में लाकर कहा जाता है कि उन्हें दूर रखा जाना चाहिए।"

Virat Kohli On BCCI Family Restriction Rule

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा (साभार-Instagram)

ऑस्ट्रेलिया में भारत की हाल की 3-1 टेस्ट सीरीज हार के बाद बीसीसीआई ने एक दिशा-निर्देश जारी किया था, जिसमें दौरों पर खिलाड़ियों के परिवारों के साथ समय बिताने की अवधि को सीमित किया गया था। इसमें कहा गया था कि केवल 45 दिन से अधिक के दौरों पर ही खिलाड़ियों के निकटतम पारिवारिक सदस्य पहले दो हफ्ते बाद उनके साथ जुड़ सकते हैं और वे इन दौरों पर 14 दिनों से अधिक नहीं रुक सकते। छोटे दौरे पर परिवार खिलाड़ी के साथ एक हफ्ते तक ही रह सकते हैं।

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