अहमदाबाद: भारतीय टीम से बाहर चल रहे बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी में सत्र का अपना चौथा शतक लगाया जिससे सितारों से सजी कर्नाटक की टीम ने शनिवार को यहां ग्रुप ए में त्रिपुरा को 80 रन से हराकर अपनी पांचवीं जीत हासिल की। घरेलू क्रिकेट के दिग्गज पडिक्कल ने 120 गेंद में 108 रन बनाए और कर्नाटक ने सात विकेट पर 332 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। फिर टीम ने त्रिपुरा को एक ओवर रहते 252 रन पर समेटकर आसान जीत हासिल की।
देवदत्त पडिक्कल (फोटो क्रेडिट BCCI Domestic)
अंक तालिका में टॉप पर काबिज है कर्नाटक
अभी दो और लीग मैच खेले जाने हैं। कर्नाटक 20 अंक से शीर्ष पर है, उसके बाद मध्य प्रदेश (16), झारखंड (12) और केरल (12) की टीम हैं। त्रिपुरा के आठ अंक हैं। तमिलनाडु और राजस्थान के चार-चार अंक हैं। पडिक्कल ने सिर्फ 10 दिन में पांच मैच में 500 से अधिक रन बना लिए हैं। कर्नाटक के सिर्फ छह रन पर दो विकेट गिर गए थे, तब शानदार फॉर्म में चल रहे इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने पारी को संभाला। कप्तान मयंक अग्रवाल (5) और करुण नायर (0) दोनों तीसरे ओवर में आउट हो गए, दोनों त्रिपुरा के अभिजीत सरकार (50 रन देकर चार विकेट) की तेज गेंदों का शिकार हुए।
पडिक्कल और रविचंद्रन स्मरण के बीच हुई शतकीय साझेदारी
पडिक्कल और रविचंद्रन स्मरण ने तीसरे विकेट के लिए 136 रन की साझेदारी की। सलामी बल्लेबाज ने भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल (35) के साथ 65 रन की साझेदारी करके पारी को और मजबूत किया। कर्नाटक के सफेद गेंद के विशेषज्ञ अभिनव मनोहर ने फिर 43 गेंद में नाबाद 79 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरे त्रिपुरा के शीर्ष पांच बल्लेबाज सिर्फ 59 रन पर आउट हो गए। फिर ऐसा नहीं लगा कि उनके पास जीतने का कोई मौका है।
मध्य क्रम में स्पिन ऑलराउंडर स्वप्निल सिंह ने 100 रन बनाकर उम्मीद जगाए रखी और यह उनके करियर का लिस्ट ए में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे त्रिपुरा ने लगभग 24 ओवर तक कर्नाटक को परेशान किया। स्वप्निल ने रजत डे (66) के साथ छठे विकेट के लिए 107 रन जोड़े, लेकिन दोनों के जल्दी आउट होने के बाद पारी जल्द ही समाप्त हो गई।
राजस्थान ने दी तमिलनाडु को रोमांचक मात
एक अन्य मैच में राजस्थान ने स्टार खिलाड़ियों से सुसज्जित तमिलनाडु के खिलाफ 10 रन की रोमांचक जीत हासिल की। अपना पहला विजय हजारे सत्र खेल रहे दाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने 58 रन देकर पांच विकेट झटककर करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत के सफेद गेंद के विशेषज्ञ दीपक हुड्डा (70 रन) ने राजस्थान को 46.5 ओवर में 225 रन तक पहुंचाने में मदद की जिसमें कप्तान मानव सुथार ने भी 43 रन का योगदान दिया। भारत के ‘मिस्ट्री’ स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (25 रन देकर चार विकेट) और तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह (44 रन देकर दो विकेट) ने राजस्थान के लिए रन बनाना मुश्किल कर दिया।
ताश के पत्तों की तरह बिखरी तमिलनाडु की टीम
लेकिन जब तमिलनाडु बल्लेबाजी करने उतरा तो उनके लिए भी हालात उतने ही खराब दिखने लगे। उनके सिर्फ शीर्ष तीन बल्लेबाज अथिश एसआर (54), कप्तान नारायण जगदीशन (71) और वाशिंगटन सुंदर (36) ही आत्मविश्वास से खेल पाए। बाकी बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया जिनमें से छह दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंच सके।
केरल ने दी झारखंड को मात, सैमसन ने जड़ा शतक
ग्रुप के एक अन्य मुकाबले में भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ संजू सैमसन (101 रन) और रोहन कुन्नुमल (124 रन) ने पहले विकेट के लिए 212 रन की भागीदारी निभाई जिससे केरल ने 45 गेंद रहते 312 रन का लक्ष्य हासिल करके झारखंड को आठ विकेट से हरा दिया। कुमार कुशाग्र ने नाबाद 143 रन जबकि अनुकूल रॉय ने 72 रन की पारी खेली जिससे झारखंड ने 50 ओवर में सात विकेट पर 311 रन का स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन ने 21 रन बनाए। केरल की सलामी जोड़ी संजू और रोहन ने 200 से ज्यादा रन की साझेदारी करके पासा पलट दिया और 42.3 ओवर में लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
