दक्षिण अफ्रीका की नीदरलैंड के खिलाफ हार के बाद बिफरे टॉम मूडी, बवूमा को लिया आड़े हाथों

  • Authored by: नवीन चौहानWritten by: नवीन चौहान
  • Updated Nov 7, 2022, 06:00 AM IST

दक्षिण अफ्रीका की नीदरलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप में अप्रत्याशित हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी टॉम मूडी ने टेम्बा बावूमा को अफ्रीकी टीम की परेशानियों की वजह करार दिया है।

एडिलेड: क्रिकेट की दुनिया में 'चोकर्स' के नाम से मशहूर दक्षिण अफ्रीकी टीम ने एक बार फिर अपने इस टैग को सही साबित कर दिया। टी20 विश्व कप 2022 के सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए नीदरलैंड के खिलाफ जीत दर्ज करने के इरादे से उतरी अफ्रीकी टीम को मुंह की खानी पड़ी और 13 रन के अंतर से हारकर उलटफेर का शिकार होना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका की हार का सीधा फायदा भारत और पाकिस्तान को मिला और दोनों अंत में सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही।

Temba-Bavuma

नीदरलैंड के खिलाफ बोल्ड होने के बाद टेम्बा बावूमा( साभार AP)

बावूमा हैं दक्षिण अफ्रीका की परेशानी की जड़

दक्षिण अफ्रीकी टीम के एक बार फिर अहम मुकाबले में दबाव में बिखरकर विश्व कप से बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी टॉम मूडी ने कप्तान टेम्बा बावूमा को आड़े हाथों लिया। मूडी ने इंग्लिश के मुहावरे 'एलिफेंट इन रूम' का इस्तेमाल करते हुए कहा, नि:संदेह टेम्बा बवूमा का फॉर्म दक्षिण अफ्रीकी टीम की परेशानी की वजह हैं। टी20 फॉर्मेट के लिए उनसे बेहतर खिलाड़ी बेंच पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं अब उन्हें मौका दिया जाना चाहिए।

बावूमा के खराब फॉर्म को किया गया नजर अंदाज

एलिफेंट इन रूम का इस्तेमाल आम तौर पर उन मसलों के संदर्भ में किया जाता है जहां परेशानी बड़ी है और उससे सब वाकिफ हैं लेकिन राजनीतिक, सामाजिक या अन्य वजहों से उस मसले को जानबूझ कर नजरअंदाज किया जाता है। ऐसा ही दक्षिण अफ्रीकी टीम के अंदर भी हो रहा है। ये सब अच्छी तरह से जानते हैं कि बावूमा टीम की सबसे कमजोर कड़ी हैं। उनकी वजह से टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। लेकिन सबकुछ जानते बूझते हुए भी इस बात को नजर अंदाज किया गया। जिसका परिणाम टी20 अप्रत्याशित रूप से नीदरलैंड के खिलाफ हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने के रूप में दिख रहा है।

कप्तान का प्रदर्शन बना हार की वजह

बावूम का अंतरराष्ट्रीय टी20 में बतौर बल्लेबाज प्रदर्शन औसत से भी नीचे रहा है। अबतक खेले 33 मैच में वो 22.67 के औसत और 116.08 के स्ट्राइक रेट से 635 रन बना चुके हैं। टी20 विश्व कप में उनका खराब फॉर्म टीम के लिए लगातार चिंता का विषय बना रहा। 5 मैच में वो 112.90 के स्ट्राइक रेट के साथ केवल 70 रन बना सके। नीदरलैंड के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में उनके बल्ले से कुल 20 रन 20 गेंद में निकले। वो टीम की सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरे। उनकी वजह से किसी भी मुकाबले में टीम अच्छी शुरुआत नहीं हासिल कर सकी।

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