नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैच की टी20 सीरीज (India vs West Indies T20I Series) मेजबान टीम की 3-2 के अंतर से जीत के साथ समाप्त हो गई। भारतीय टीम (Indian Cricket team) का प्रदर्शन पूरी सीरीज में उतार-चढ़ाव भरा रहा। सीरीज की शुरुआत लगातार दो मैच में हार के साथ भारतीय टीम ने की थी लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए अगले दो मैच में जीत के साथ 2-2 से बराबरी भी कर ली। इसके बाद आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी और 6 साल लंबे अंतराल के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में पहली सीरीज गंवाई।
तिलक वर्मा
पहले दो मुकाबले में छोड़ी अमिट छाप
टीम इंडिया के लिए सीरीज में सबसे सकारात्मक पहलू तिलक वर्मा साबित हुए। पूत का पांव पालने में दिख जाते हैं इस कहावत को तिलक ने पूरी तरह विंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में चरितार्थ कर दिखाया। 20 वर्षीय तिलक को त्रिनिदाद में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला और वो पहले ही मैच में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। अन्य भारतीय बल्लेबाज जहां विंडीज के गेंदबाजों के खिलाफ घुटने टेक रहे थे। वहीं तिलक ने लगातार दो छक्के जड़कर अपना खाता खोला और 39 रन बनाकर अपनी टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे।
दूसरे टी20 में जड़ा करियर का पहला अर्धशतक
इसके बाद सीरीज के गयाना में खेले गए दूसरे टी20 में अपने फॉर्म को जारी रखते हुए तिलक ने 41 गेंद में 51 रन की अर्धशतकीय पारी खेली और भारत के लिए सबसे कम उम्र में पचासा जड़ने वाले रोहित शर्मा के बाद दूसरे भारतीय बन गए। इस मैच में भी तिलक टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे। हालांकि भारतीय टीम को इस मैच में भार हार का मुंह देखना पड़ा।
तीसरे टी20 में सूर्या के साथ की मैच विनिंग साझेदारी
सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने प्रोविडेंस में विंडीज को मात दी। जीत के लिए 160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए तिलक ने सूर्यकुमार यादव के साथ 87 रन की साझेदारी की और अंत में 49*(37) रन बनाकर नाबाद पवेलियन वापस लौटे। सीरीज के चौथे मुकाबले में भी उन्होंने नाबाद 7 रन बनाकर फिनिशिंग टच दिया। सीरीज के पांचवें मैच में वो रोस्टन चेज की गेंद पर उनके ही हाथों शानदार तरीके से लपके गए। तिलक ने 18 गेंद में 27 रन बनाए।
सीरीज में शानदार रहा तिलक का प्रदर्शन
कुल मिलाकर देखें तो तिलक वर्मा ने अपनी डेब्यू सीरीज में खेले 5 मैच की 5 पारी में 2 बार नाबाद रहते हुए 57.66 के औसत और 140.65 के स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाए। सीरीज में उन्होंने एक अर्धशतक जड़ा और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 51 रन रहा। सीरीज में उन्होंने 15 चौके और 7 छ्क्के जड़े। वो सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए निकोलस पूरन के बाद साझा रूप से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
बने सीरीज में सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज
भारतीय टीम के वो सबसे सफल बल्लेबाज रहे। वो भी सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और शुभमन गिल जैसे धाकड़ बल्लेबाजों के टीम में रहते हुए वो ऐसा करने में सफल हुआ। उन्होंने इन सभी बल्लेबाजों की छाप छीन ली और भारतीय टीम के सिरमौर साबित हुए। इसके अलावा उन्होंने निकोलस पूरन के रूप में एक विकेट भी हासिल किया।
पक्की की टी20 टीम में अपनी जगह, मिला युवराज-रैना का विकल्प
चौथे नंबर बल्लेबाज के रूप में तिलक वर्मा अपनी पहली ही सीरीज में जगह पक्की करने में सफल रहे हैं। वो मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने के साथ-साथ लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन प्रदान करते हैं। इसके अलावा वो गेंदबाजी करने में भी सक्षम हैं जो उन्हें रैना और युवराज जैसे खिलाड़ियों की तरह टीम के लिए योगदान कर सकते हैं। उनकी फील्डिंग भी शानदार है ये बात उन्होंन सीरीज में कई शानदार कैच लेकर साबित कर दी है।
