तरोबा (त्रिनिदाद): वेस्टइंडीज के खिलाफ तेज गेंदबाजों का जल्दी इस्तेमाल करने का केन विलियमसन का दांव उनकी टीम के लिए उलटा पड़ गया, जिससे न्यूजीलैंड के कप्तान ने आधुनिक टी20 को ‘बिल्ली और चूहे का खेल’ करार दिया। मैच के 18वें ओवर तक ट्रेंट बोल्ट (चार ओवर में 16 रन पर तीन विकेट) और लॉकी फर्ग्यूसन (चार ओवर में 27 रन पर दो विकेट) के ओवर खत्म हो गए और विलियमसन को आखिरी दो ओवरों के लिए मध्यम तेज गेंदबाज डेरिल मिचेल और बाएं हाथ के स्पिनर मिचेल सेंटनर पर निर्भर रहना पड़ा।
वेस्टइंडीज के खिलाफ आउट होने के बाद पवेलियन वापस लौटते केन विलियमसन
शेरफेन रदरफोर्ट ने खेली आतिशी पारी
वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड ने इसका फायदा उठाते हुए 39 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने आखिरी दो ओवर मे चार छक्कों सहित 37 रन बनाए। इससे मैच के नतीजे पर भी काफी फर्क पड़ा, क्योंकि वेस्टइंडीज ने नौ विकेट पर 112 रन से नौ विकेट पर 149 रन बनाए और फिर कीवी टीम को नौ विकेट पर 136 रन पर रोक दिया।
तेज गेंदबाजों के जल्दी इस्तेमाल का नहीं हुआ फायदा
विलियमसन ने मैच के बाद कहा,'मुझे लगता है कि उन्होंने (मिशेल और सेंटनर) जो भी ओवर फेंके, उस पर रन बनने वाले थे। आपको इस तरह की चीजों से निपटना होता है। मुझे लगता है कि टी20 क्रिकेट में आजकल जो टीमें काफी गहराई तक बल्लेबाजी कर रही हैं...आप हमेशा बिल्ली और चूहे का खेल खेलने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य तेज गेंदबाजों का इस्तेमाल जल्दी करना अच्छा फैसला था लेकिन हमें इसका फायदा नहीं हुआ।'
