हमने फुटबॉल में फाउल के साथ रेफरी को रेड कार्ड दिखाते हुए खूब देखा है। लेकिन अब क्रिकेट भी इससे अछूता नहीं रहा। वेस्टइंडीज में चल रहे सीपीएल में पहली बार रेड कार्ड नियम को लागू किया गया है। इस नियम के तहत अंपायर स्लो ओवर रेट मेंटेन करने को लेकर जुर्माना लगाते हैं और रेड कार्ड के तहत किसी एक खिलाड़ी को मैदान से बाहर जाना पड़ता है।
सुनील नरेन (साभार-TKR Twitter)
सुनील नरेन बने इसका पहला शिकार
रविवार को सीपीएल में हुए एक मैच के दौरान इस नियम का पहली बार इस्तेमाल किया गया और जिस खिलाड़ी को पहली बार रेड कार्ड दिखाया गया वो और कोई नहीं बल्कि मिस्ट्री स्पिन गेंदबाज सुनील नरेन हैं। सेंट किट्स और नेविस पेट्रियोट्स के खिलाफ त्रिनिबागो नाइट राइडर्स की टीम वक्त पर अपना 17वां और 18वां ओवर पूरा नहीं कर पाई तो उन्हें एक अतिरिक्त खिलाड़ी को 30 यार्ड के सर्कल में लाना पड़ा, लेकिन जब उनका 19वां ओवर भी तय समय पर पूरा नहीं हुआ तो अंपायर को रेड कार्ड दिखाना पड़ा।
जिसका मतलब था कि एक खिलाड़ी को मैदान से बाहर जाना था। कप्तान के पास यह अधिकार है कि वह किस खिलाड़ी को बाहर देखना चाहते हैं। उन्होंने सुनील नरेन को चुना और वह इस नियम के तहत मैदान से बाहर जाने वाले पहले क्रिकेटर बन गए हैं। सीपीएल के अनुसार 17 ओवर 72 मिनट 15 सेकंड में पूरा नहीं करने पर जुर्माने के तौर पर 5 खिलाड़ी को 30 यार्ड सर्कल में रखना होगा। यदि 18वां ओवर भी तय समय पर नहीं होता है तो 6 खिलाड़ी को 30 यार्ड सर्कल में रखना अनिवार्य है।
