Shahid Afridi on Pakistan cricket Team: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने शादाब खान की राष्ट्रीय टी20 टीम में वापसी पर सवाल उठाए हैं। अफरीदी ने कहा कि गलत फैसलों की वजह से पाकिस्तान क्रिकेट आईसीयू में पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक फैसले योग्यता के आधार पर नहीं लिए जाएंगे, तब तक पाकिस्तान क्रिकेट में सुधार नहीं होगा।
शाहिद अफरीदी (फोटो- X)
शादाब खान की वापसी पर सवाल
पिछले टी20 विश्व कप (T20 World Cup) के बाद से टीम से बाहर चल रहे शादाब खान को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 श्रृंखला के लिए वापस बुलाया गया है। इसके साथ ही, उन्हें सलमान अली आगा की अगुआई वाली टीम का उप-कप्तान भी नियुक्त किया गया है। इस फैसले पर अफरीदी ने सवाल उठाते हुए कहा, "किस आधार पर उसे वापस बुलाया गया है? घरेलू क्रिकेट में उसका प्रदर्शन क्या रहा है? ऐसा क्या है जो उसे फिर से टीम में चुना गया है?"
योग्यता के आधार पर फैसले नहीं लेने पर चिंता
अफरीदी ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में तब तक सुधार नहीं होगा, जब तक फैसले योग्यता के आधार पर नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, "हम हमेशा तैयारियों की बात करते हैं, लेकिन जब कोई प्रतियोगिता आती है और हम असफल हो जाते हैं, तो हम इसका इलाज करने की बात करते हैं। सच्चाई यह है कि गलत फैसलों की वजह से पाकिस्तान क्रिकेट आईसीयू में है।"
बोर्ड की नीतियों पर भी सवाल
अफरीदी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की नीतियों और निर्णयों में निरंतरता की कमी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जब भी कोई नया अध्यक्ष कार्यभार संभालता है, तो वह आकर सब कुछ बदल देता है। बोर्ड के निर्णयों और नीतियों में कोई निरंतरता या एकरूपता नहीं है। हम कप्तान, कोच या कुछ खिलाड़ी बदलते रहते हैं, लेकिन बोर्ड अधिकारियों की जवाबदेही क्या है?"
कोच और कप्तान पर दबाव
अफरीदी ने यह भी कहा कि कोच और कप्तान के सिर पर लगातार तलवार लटकी रहती है, जिससे टीम का प्रदर्शन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा, "जब कप्तान और कोच के सिर पर लगातार तलवार लटकी रहती है, तो हमारा क्रिकेट कैसे आगे बढ़ सकता है? कोच को अपनी नौकरी बचाने के लिए खिलाड़ियों पर दोष लगाते देखना दुखद है। इसी तरह, प्रबंधन को अपनी जगह बचाने के लिए खिलाड़ियों और कोच पर दोष लगाते देखना भी दुखद है।"
(भाषा)
