BWF 2026: चोट से परेशान सात्विक और रैंकी रेड्डी को मेडल की आस, 17 अगस्त से होगा आगाज

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियमशिप का आगाज 17 अगस्त से होने जा रहा है। सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण शानदार टूर्नामेंट के बाद भी उनके लिए लय बरकरार रखना मुश्किल रहा है।

कंधे की बार-बार उभरने वाली चोट ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं और कई बार उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी के लिए भी यह स्थिति "परेशान करने वाली" रही है, लेकिन भारतीय पुरुष युगल जोड़ी घरेलू सरजमीं पर विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक के रंग को बेहतर करने के लक्ष्य के साथ अपने आक्रामक और तेजतर्रार खेल पर कायम रहेगी। सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण शानदार टूर्नामेंट के बाद भी उनके लिए लय बरकरार रखना मुश्किल रहा है। इस जोड़ी ने दो साल के अंतराल के बाद अपना पहला खिताब जीतते हुए सिंगापुर ओपन सुपर 750 अपने नाम किया था, लेकिन इसके बाद चोट फिर उभर आई और उन्हें इंडोनेशिया ओपन में मुकाबले के बीच से हटना पड़ा तथा जापान ओपन से नाम वापस लेना पड़ा।

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सात्विक साईराज और रैंकीरेड्डी (साभार-X)

सात्विक ने पीटीआई से कहा, ’’कंधे की चोट के साथ खेलना हमेशा मुश्किल होता है। मैं पिछले कुछ वर्षों से इसे संभाल रहा हूं। यह समस्या बार-बार उभरती रहती है। कभी मैं अच्छा महसूस करता हूं तो कभी स्थिति ठीक नहीं होती। यह निराशाजनक है। जाहिर तौर पर जब आप लय में होते हैं तो उसे जारी रखना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, ’’आप अच्छा टूर्नामेंट खेलें और फिर दोबारा बाहर हो जाएं तो यह आपके जोड़ीदार के लिए भी परेशान करने वाला होता है। यह आसान नहीं है, लेकिन अब हम इसके अभ्यस्त हो चुके हैं। हमें पता है कि ऐसी स्थिति से कैसे निपटना है। साथ ही हमें अपने शरीर की स्थिति का भी सम्मान करना होगा।’’

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