मुंबई: पूर्व भारतीय कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली आगामी सप्ताहों में बोर्ड से विदाई ले सकते हैं। गांगुली ने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए। सूत्रों के मुताबिक शीर्ष अधिकारियों की एक राउंड की बैठक हो चुकी है, जिसमें अगले चुनाव के बारे में विचार-विमर्श किया गया। अगले सप्ताह दिल्ली में अगली बैठक होने की उम्मीद है, जहां राज्य संघ अगले बीसीसीआई चुनाव पर अपने विचार साझा करेंगे।
सौरव गांगुली
1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रोजर बिन्नी बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की जगह लेने के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। जय शाह बीसीसीआई सचिव पद पर बरकरार रहेंगे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से गांगुली और शाह को बड़ी राहत मिली थी, जिन्हें अपने पद की जिम्मेदारी जारी रखने की अनुमति मिली थी और भारतीय बोर्ड को अपने संविधान में संशोधन करने की अनुमति भी मिली थी।
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की याचिका भी स्वीकार की थी, जिसमें राज्य संघ में एक कार्यकाल (3 साल) और बीसीसीआई में एक कार्यकाल (3 साल) के बाद कूलिंग पीरियड हटाने की बात कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा था कि कूलिंग पीरियड दो लगातार कार्यकाल के बाद ही आएगा, जिसका मतलब यह है कि राज्य संघ में अधिकारी 6 साल का बिता सकता है और फिर एक बार में बीसीसीआई में 6 साल का काम कर सकता है। कूलिंग ऑफ पीरियड इसके बाद तीन साल के लिए लागू होगा।
कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा, 'हमारा मानना है कि प्रस्तावित संशोधन कूलिंग ऑफ अवधि के उद्देश्य को कमजोर नहीं करेगा, जिसके परिणामस्वरूप एक उम्मीदवार के बीसीसीआई और राज्य संघ में लगातार 2 कार्यकाल पूरा करने के बाद कूलिंग ऑफ प्रभावी हो जाएगा।' बीसीसीआई अब अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के चुनाव कराएगा।
