स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इस बात की संभावना बढ़ती जा रही है कि रवींद्र जडेजा ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे खेल लिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद इस अनुभवी ऑलराउंडर को तीसरे मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि जडेजा को ड्रॉप नहीं किया गया, बल्कि उन्हें आराम दिया गया है, लेकिन इस फॉर्मेट में इस अनुभवी ऑलराउंडर का भविष्य अब साफ तौर पर खतरे में नजर आ रहा है।
जडेजा का वनडे करियर खत्म। फोटो- BCCI
न्यू चंडीगढ़ में तीसरे वनडे में भारत की हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने कहा, मुझे नहीं लगता कि जड्डू भाई को ड्रॉप किया गया है। हमने उन्हें आराम दिया, क्योंकि आज हमारे पास दूसरे खिलाड़ियों को मौका देने का अवसर था। जब कोई सीरीज सिर्फ तीन मैचों की होती है, तो बाहर बैठे खिलाड़ियों को अनुभव देना बहुत मुश्किल हो जाता है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मिला था मौका
पहले दो मैचों में जडेजा ने केवल दो विकेट लिए और उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद से भारत ने जितने 32 वनडे मैच खेले हैं, उनमें से जडेजा केवल 15 में ही खेले हैं। उन्होंने 47.92 की औसत और 5.20 की इकॉनमी रेट से 14 विकेट लिए हैं। हाल के समय में उनकी गेंदबाजी के प्रदर्शन में काफी गिरावट आई है।
गुवाहाटी वनडे से पहले, जडेजा अपने पिछले सात वनडे मैचों में केवल एक विकेट ले पाए थे। हालांकि, यह कोई बहुत चौंकाने वाली बात नहीं थी। उनकी गेंदबाजी शैली और हाल की पिच की स्थितियों को देखते हुए, इस बात की संभावना कम ही थी कि वे वनडे मैचों में लगातार विरोधी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर पाएंगे, जब तक कि परिस्थितियां उन्हें बहुत ज्यादा मदद न करें।
अक्षर और वॉशिंगटन रेस में
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक बीसीसीआई सूत्र ने बताया कि 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से जहां वे भारत के स्पिन चौकड़ी का हिस्सा थे, जडेजा ने आठ मैचों में केवल पांच विकेट लिए हैं और उनकी इकॉनमी रेट छह रन प्रति ओवर से भी ज्यादा रही है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत की योजनाओं में जडेजा शामिल नहीं हैं। अक्षर और वॉशिंगटन एशियाई खेलों में खेल रहे थे, जबकि हर्ष दुबे और शाहबाज अहमद चोटिल होने के कारण CoE (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में हैं।
उनके बल्लेबाजी के आंकड़े भी उनके पक्ष में ज्यादा मजबूत नहीं हैं। जडेजा ने पिछले छह सालों में वनडे में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है। 2023 वर्ल्ड कप के बाद से, उन्होंने 10 पारियों में 149 रन बनाए हैं। हालांकि, जडेजा को वनडे में कभी भी मुख्य रूप से एक बल्लेबाज के रूप में नहीं देखा गया, लेकिन टीम के लिए उनके कुल योगदान में उनकी बल्लेबाजी एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
उम्मीद पर खरे नहीं उतरे हैं जडेजा
212 मैचों की 142 वनडे पारियों में, जडेजा केवल 13 बार ही 50 रन के आंकड़े को पार कर पाए हैं। हालांकि, इस फॉर्मेट में उनकी मुख्य भूमिका एक ऐसे गेंदबाज की रही है जो रन रेट को नियंत्रित कर सके। अपने सबसे अच्छे फॉर्म में वे एक छोर से गेंदबाजी संभालते हुए लगभग 45-50 रन देकर अपने 10 ओवर पूरे कर सकते थे और साथ ही एक-दो विकेट भी निकाल सकते थे। लेकिन हाल के दिनों में वह भरोसा या निरंतरता देखने को नहीं मिली है।
