नई दिल्ली: पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा टी20 श्रृंखला में कुलदीप यादव को अंतिम एकादश से बाहर करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझदारी भरा कदम नहीं है क्योंकि उनकी उपस्थिति से काफी अंतर पैदा हो सकता है।
रविचंद्रन अश्विन (फोटो क्रेडिट AI Generated)
इंदौर और हैदराबाद में नहीं मिला कुलदीप को मौका
कुलदीप ने लखनऊ और रांची में खेले गए पहले दो मैचों में हिस्सा लिया, लेकिन इंदौर और हैदराबाद में खेले गए अगले दो मैचों में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने पहले मैच में 33 रन देकर दो विकेट लिए, लेकिन रांची में खेले गए मैच में उन्होंने 53 रन लुटाए, जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
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कुलदीप को बाहर रखना नहीं है समझदारी भरा फैसला
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,'यह बहुत हैरानी भरा फैसला है क्योंकि वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुलदीप की गुगली और लेग स्पिन को समझने में संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप कुलदीप को अंतिम एकादश से बाहर रखते हैं तो यह समझदारी भरा फैसला नहीं कहा जा सकता। यह वास्तव में हैरान करने वाला है क्योंकि मुझे लगता है कि उनकी मौजूदगी से 15 से 20 रन का अंतर पड़ सकता है।'
क्यों हुई अश्विन को हैरानी?
अश्विन ने आगे कहा,'मुझे सच में बहुत हैरानी हुई। कुलदीप को इंदौर में टीम में नहीं रखा गया और मैं इस फैसले का समर्थन करता हूं क्योंकि वहां मैदान छोटा है। लेकिन अगर आप यह सोचते हैं कि रांची में भारत को कुलदीप के कारण हार मिली तो यह सरासर गलत है।' कुलदीप इस महीने की शुरुआत में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे श्रृंखला में भारत की तरफ से सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। उन्होंने तीन मैचों में सात विकेट लिए थे।
(भाषा)
