नई दिल्ली: जिम्बाब्वे के वनडे और टी20 कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2027-30 चक्र में उनकी टीम के आने की संभावना के बावजूद अगले साल अफ्रीका में होने वाले 50 ओवरों के विश्व कप के बाद संन्यास का उनका फैसला नहीं बदलेगा। जिम्बाब्वे वनडे विश्व कप 2027 में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के साथ सह मेजबान है।
मैंने कर लिया है संन्यास का फैसला, अब नहीं बदलेगा
रजा ने मोबाइल गेमिंग प्लेटफॉर्म सिक्सर क्रिकेट द्वारा कराई गई बातचीत में कहा,'मेरे करियर का यह आखिरी दौर है और अपने देश में विश्व कप खेलना मेरे लिये वरदान से कम नहीं है। हर क्रिकेटर का सपना विश्व कप खेलकर संन्यास लेने का होता है।' यह पूछने पर कि अगर जिम्बाब्वे 2027-30 चक्र में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में जगह बनाता है तो क्या उनका फैसला बदलेगा, उन्होंने कहा,'नहीं। ऐसा कुछ नहीं होगा। मैंने फैसला कर लिया है और वह नहीं बदलने वाला।'
डब्लूटीसी में एंट्री का होगा ये फायदा
सिकंदर ने हालांकि यह कहा कि डब्ल्यूटीसी में प्रवेश से जिम्बाब्वे क्रिकेट का विकास होगा । उन्होंने कहा,'अगर ऐसा हुआ तो मैं उसके समर्थन में सबसे आगे रहूंगा । जिम्बाब्वे अगर डब्ल्यूटीसी का हिस्सा बनता है तो भले ही हमारा प्रदर्शन शुरूआत में अच्छा नहीं रहे लेकिन इससे देश में क्रिकेट का काफी तेजी से विकास होगा । हमारा प्रदर्शन बेहतर होगा।'
ऐसा रहा है रज़ा का अंतरराष्ट्रीय करियर
सिकंदर रजा ने साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद जिंबाब्वे के भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाई है। पाकिस्तान में जन्मे रजा ने जिम्बाब्वे के लिए 22 टेस्ट, 159 वनडे और 144 टी20 मैच खेलते हुए कुल 9,300 से अधिक रन बनाए और इस दौरान 252 विकेट भी चटकाए हैं। T20I क्रिकेट में लगातार 5 अर्धशतक लगाने वाले वह दुनिया के पहले बल्लेबाज और जिम्बाब्वे के लिए टी20 शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी हैं।
(भाषा)
