Ravichandran Ashwin Retirement: भारत के दिग्गज गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। ब्रिसबेन में खेला गया तीसरा टेस्ट उनके करियर का आखिरी टेस्ट मैच था। मैच ड्रॉ होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने इसका ऐलान किया। अश्विन ने अपने टेस्ट करियर का अंत भारत के दूसरे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में किया। उनके नाम 106 टेस्ट मैचों में 24 की औसत से 537 विकेट हैं। वह केवल अनिल कुंबले से पीछे हैं, जिन्होंने 132 टेस्ट मैचों में 619 विकेट भारत के लिए चटकाए हैं। टेस्ट क्रिकेट के अलावा अश्विन ने वनडे में भारत के लिए 116 वनडे में 156 और 65 टी20 में 172 विकेट चटकाए हैं। आईपीएल में भी उनके आंकड़े शानदार रहे हैं। आईपीएल में उनके नाम 211 मैच में 180 विकेट हैं।
रविचंद्रन अश्विन (साभार-icc)
वह ब्रिसबेन टेस्ट में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे। उन्हें इस दौरे पर एडिलेड टेस्ट खेलने का मौका मिला था जहां उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। इस डे-नाईट टेस्ट मैच में उन्होंने 53 रन देकर 1 विकेट चटकाया था। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट सीरीज में भी उनके हाथ केवल 9 विकेट ही लगे थे।
अश्विन की कमी पूरी करना मुश्किल
अश्विन के रिटायरमेंट के साथ ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक खालीपन आ जाएगा। उनकी कमी को पूरा करना आसान बिल्कुल नहीं होगा। 537 विकेट के साथ-साथ उन्होंने 3,503 टेस्ट रन भी बनाए जिसमें 6 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। मौजूदा क्रिकेट में उनकी गिनती टॉप ऑलराउंडरों में की जाती है। उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज के मामले में द ग्रेट मुथैया मुरलीधरन की बराबरी भी की थी। दोनों के नाम 11-11 प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड है।
