भारतीय मूल के रेसिंग बुल्स (Racing Bulls) के 18 वर्षीय फॉर्मूला वन ड्राइवर अरविद लिंडब्लैड ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में डेब्यू करने का मौका मिला था और वह भारत के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने थे। उन्होंने द ग्रेट सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। फॉर्मूला वन ड्राइवर अरविद लिंडब्लैड ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा 'आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की वजह से अब केवल एक खेल में नहीं बल्कि दुनिया भर के खेलों में कम उम्र के खिलाड़ी बड़ी सफलता हासिल कर रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी (साभार-X)
इंग्लैंड और भारत के बीच पहले वनडे के दौरान स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में लिंडब्लैड ने कहा कि उन्हें अपने भारतीय मूल का होने पर गर्व है और भारतीय संस्कृति से उनका गहरा जुड़ाव है। मैं मुंबई के आज़ाद मैदान में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलकर बहुत खुश हुआ। मेरी नाना-नानी पंजाबी हैं और मैं अपनी भारतीय जड़ों से बेहद जुड़ा हुआ हूं। मुझे खास तौर पर नानी के हाथ का भारतीय खाना बहुत पसंद है।"
जब उनसे पूछा गया कि मोटरस्पोर्ट में कम उम्र के ड्राइवर तेजी से क्यों उभर रहे हैं, तो लिंडब्लैड ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ F1 तक सीमित नहीं है। यह हर खेल में हो रहा है। तकनीक लगातार बेहतर हो रही है और खिलाड़ियों को छोटी उम्र से ही बेहतर जानकारी और प्रशिक्षण मिल रहा है। इसलिए युवा खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। क्रिकेट में भी वैभव सूर्यवंशी इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। वह बेहद कम उम्र में शानदार खेल रहे हैं। यही आज के खेलों की नई तस्वीर है।"
लिंडब्लैड ने बताया कि इस साल मेलबर्न में अपना पहला फॉर्मूला 1 ग्रां प्री खेलने का सपना पूरा होने पर वह भावुक हो गए थे। हर खिलाड़ी बचपन से शीर्ष स्तर तक पहुंचने का सपना देखता है। मेलबर्न में जब मेरा F1 डेब्यू हुआ तो वह पल मेरे लिए बेहद खास था। मैं थोड़ा भावुक भी हो गया था।
उन्होंने कहा कि बचपन में वह अपने पिता के साथ पहली बार सिल्वरस्टोन सर्किट गए थे और 13 साल बाद उसी ट्रैक पर F1 ड्राइवर के रूप में रेस करना उनके लिए यादगार अनुभव रहा।
शुभमन गिल से मुलाकात
ब्रिटिश ग्रां प्री के दौरान लिंडब्लैड की भारतीय कप्तान शुभमन गिल से भी मुलाकात हुई। दोनों की पंजाबी पारिवारिक पृष्ठभूमि होने के कारण उनके बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई।
ड्राइविंग लाइसेंस पर मजेदार टिप्पणी
दिलचस्प बात यह है कि फॉर्मूला 1 कार चलाने वाले लिंडब्लैड के पास अभी तक सड़क पर गाड़ी चलाने का लाइसेंस नहीं है। अब यह थोड़ा अजीब लगने लगा है कि मेरे पास अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। कल ही मैंने अपनी पहली ड्राइविंग क्लास ली है, इसलिए उम्मीद है कि जल्द ही लाइसेंस मिल जाएगा।"
