स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अजीत अगरकर का बीसीसीआई के साथ कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने के बाद नए चीफ सिलेक्टर की खोज तेज गई। इसमें एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा और वो है पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल का। हालांकि, बीते बुधवार, 14 अक्टूबर को आवेदन की आखिरी तारीख समाप्त होने के बाद इस चर्चा पर विराम लग गया। पार्थिव पटेल ने चीफ सिलेक्टर पद के लिए आवेदन ही नहीं। ऐसे में प्रज्ञान ओझा का चीफ सिलेक्टर बनने का रास्ता साफ हो गया।
हालांकि, रमेश पवार और वसीम जाफर ने आवेदन कर अपनी दावेदारी पेश की। 15 अक्टूबर, गुरुवार को अशोक मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति ने उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया, जिसमें वसीम जाफर भी शामिल रहे। बाकी उम्मीदवारों में कॉनर विलियम्स, जैकब मार्टिन और सलिल अंकोला शामिल थे। इसके बाद प्रज्ञान ओझा का मुख्य चयनकर्ता बनना लगभग तय हो गया है। वहीं, यह भी तय हो गया है कि पांच सदस्यीय समिति में वेस्ट जो के प्रतिनिधि रमेश पोवार होंगे। पूर्व तेज गेंदबाज डोडा गणेश जूनियर चयन पैनल के प्रमुख बन सकते हैं। असम के दीप बोरा के ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करने की संभावना है।
वित्तीय मुद्दों के चलते पार्थिव ने नहीं किया आवेदन
पूर्व लेफ्ट-आर्म स्पिनर प्रज्ञान ओझा, अगरकर के जाने के बाद से अंतरिम चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे थे, क्योंकि वे पैनल के चार सदस्यों में सबसे सीनियर थे। 'द टेलीग्राफ' की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वित्तीय मुद्दों पर विचार करने के बाद पार्थिव पटेल ने अपना कदम पीछे खींच लिया। रिपोर्ट के अनुसार, चयन समिति के प्रमुख को सालाना 3 करोड़ रुपये मिलते हैं। अगर पार्थिव को यह पद लेना होता तो उन्हें अपनी TV कमेंट्री और IPL में गुजरात टाइटंस के साथ जुड़े अपने काम को छोड़ना पड़ता, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो सकता था।
BCCI की नीतियों के साथ तालमेल
सारी अटकलों के बाद अब लगभग प्रज्ञान ओझा के नाम पर मुहर लगना तय माना जा रहा है। क्योंकि, बीसीसीआई चाहता था कि चयनकर्ता, ODI वर्ल्ड कप से पहले टीम मैनेजमेंट की मौजूदा नीतियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें। ओझा पिछले एक साल से टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उन्हें टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकताओं और सोच की अच्छी समझ है।

प्रज्ञान ओझा का अंतरराष्ट्रीय करियर।
रमेश पवार सीनियर पैनल में शामिल
वहीं, BCCI ने वेस्ट जोन के प्रतिनिधि के तौर पर वसीम जाफर के बजाय रमेश पोवार को चुनने का फैसला किया। बोर्ड घरेलू क्रिकेट के दिग्गज वसीम जाफर को चेयरमैन के पद पर नहीं रखना चाहता था, क्योंकि इस समय ऐसा करना एक बड़ा जोखिम हो सकता था। रमेश पोवार, जिनका पहले जूनियर चयन पैनल के लिए इंटरव्यू लिया गया था, उन्हें शुरुआत में चेयरमैन पद के लिए भी सोचा गया था, लेकिन अंत में उन्हें सीनियर पैनल में शामिल कर लिया गया।
लक्ष्मण टीम चयन मीटिंग में रहेंगे शामिल
अब जहां ओझा चयन समिति के चेयरमैन होंगे, वहीं, वीवीएस लक्ष्मण को एक बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के प्रमुख के रूप में काम कर रहे लक्ष्मण अब से हर टीम चयन बैठकों में उपस्थित रहेंगे। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट की स्थिति को लेकर चयनकर्ताओं और COE के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी। अगरकर के कार्यकाल के दौरान, खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर टीम प्रबंधन और COE के बीच काफी विवाद हुआ था। हाल ही में हुई गुवाहाटी में दो चयन मीटिंग में लक्ष्मण ने हिस्सा लिया था।
