पाकिस्तानी टीम करती थी ड्रग्स की तस्करी, कोच बॉब वूल्मर की हत्या भी इसी कारण हुई

2006 से 2010 के बीच गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा डिवीजन में कार्यरत आरवीएस मणि ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी पाकिस्तान टीम यहां आती थी तस्करी करती थी।

2006 से 2010 के बीच गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा डिवीजन में कार्यरत आरवीएस मणि ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव की मानें तो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम और प्रतिनिधिमंडलों द्वारा ड्रग्स की तस्करी एक नियमित गतिविधि थी। उन्होंने शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम भी लिया। इन दो खिलाड़ियों को 2006 में प्रतिबंधित पदार्थ नैंड्रोलोन के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बैन कर दिया था।

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आरवीएस मणि (साभार-ANI)

सितंबर 2006 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की ड्रग्स ट्रिब्यूनल ने डोपिंग टेस्ट में दोनों को प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड नैंड्रोलोन के इस्तेमाल का दोषी पाया था। इसके बाद, भारत में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान 17 अक्टूबर को जयपुर में श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान के पहले मैच से पहले उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था।

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