वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला में सपाट पिचों पर गेंदबाजी की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए भारत के तेज गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने अपने गेंदबाजों से कहा कि वे पिछली गलतियों को पीछे छोड़कर दबाव में समझदारी से फैसले लें। मौजूदा टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई है। पिछले छह पारियों में सभी टीमों ने 200 रन से अधिक के बड़े स्कोर बनाए हैं। मोर्कल ने शुक्रवार को यहां मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ’’जाहिर है, आपको पिछली बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना होगा। मैच के बीच समय काफी कम है। आपके पास अभ्यास सत्रों का इतना समय नहीं होता कि आप मैदान पर जाकर कई चीजों पर काम कर सकें। ’’
मॉर्ने मोर्कल (साभार-x)
उन्होंने कहा, ’’आप इन मुकाबलों से मिली सीख को भी अपने साथ रखना चाहते हैं। इसलिए, आज सुबह हमने कुछ गेंदबाजों के साथ बैठकर अच्छी चर्चा की। इसमें हमने कुछ खास क्षेत्रों की पहचान की और यह समझने की कोशिश की कि यहां हमें किस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ’’मोर्कल ने कहा, ’’मेरे लिए सबसे अहम बात यह है कि हम अपने युवा गेंदबाजी आक्रमण को दबाव की परिस्थितियों में अधिक समझदारी से फैसले लेना कैसे सिखा सकते हैं।’’
हालांकि, मोर्कल का मानना है कि इस श्रृंखला से ड्रेसिंग रूम में मौजूद युवा गेंदबाजों, खासकर तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को काफी कुछ सीखने को मिला है।
उन्होंने कहा, ’’यह हमारे गेंदबाजी समूह के लिए सीखने का शानदार अनुभव रहा है। टीम में शामिल हुए प्रिंस यादव ने अपनी गेंदबाजी के कौशल का इस्तेमाल करने में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह चीजों को बहुत सरल रखने वाले खिलाड़ी हैं।’’
मोर्कल ने कहा, ’’वह अपनी ताकत को समझते हैं और उसी के अनुसार गेंदबाजी करते हैं। इसलिए, हमारे लिए जरूरी है कि हम समूह में इस तरह की चर्चा करें, एक-दूसरे से सीखें और एक-दूसरे की गेंदबाजी को बेहतर ढंग से समझें। ’’ मोर्कल खास तौर पर सफेद गेंद के क्रिकेट में प्रिंस के हर परिस्थिति में गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी के रूप में विकसित होने से प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा, ’’प्रिंस की एक खास बात यह है कि वह अपने राज्य और घरेलू क्रिकेट में जिस तरह खेलते हैं, वहां पिचें सपाट होती हैं। इसलिए मैं समझ सकता हूं कि उन्होंने सफेद गेंद के क्रिकेट में शानदार कौशल विकसित किया है। ’’ उन्होंने कहा, ’’उनकी जो बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद है, वह है उनका रवैया और मुश्किल परिस्थितियों में गेंदबाजी करते समय उनका शांत रहना। अब तक जिन मैच में हमने उनका इस्तेमाल किया है, उनमें उन्हें बेहद कठिन परिस्थितियों में गेंदबाजी करनी पड़ी है। मुझे लगता है कि उन्होंने इन परिस्थितियों में असाधारण प्रदर्शन किया है। ’’
