बारह साल के इंतजार के बाद टेस्ट क्रिकेट में पहला विकेट लेने वाले जयदेव उनादकट ने 1000 से ज्यादा बार इसके बारे में सोचा था और आखिरकार जाकिर हसन के रूप में पहला विकेट लेकर वह काफी राहत और खुशी महसूस कर रहे हैं।
जयदेव उनादकट (AP)
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 16 दिसंबर 2010 में सेंचुरियन टेस्ट में पदार्पण करने वाले उनादकट को बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिये भारतीय टीम में चुना गया है । बारह साल पहले अपने पहले टेस्ट में उनादकट ने 26 ओवर में 100 से अधिक रन दे डाले और एक भी विकेट नहीं ले सके थे।
उन्होंने बीसीसीआई टीवी से कहा ,‘‘ मैने एक हजार से ज्यादा बार अपने पहले टेस्ट विकेट की कल्पना की थी । मुझे टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलने की कमी खल रही थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विकेट लेने के बाद मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था। पहले टेस्ट से अब तक इतनी बार पहले विकेट के बारे में सोचा था । टेस्ट क्रिकेट में वापसी के अलावा मुझे रणजी ट्रॉफी सत्र में फिर से खेलने का मौका मिला । मैने काफी मेहनत की थी और इसलिये आत्मविश्वास था ।’’
