Semifinal Qualification Scenario: पहले साउथ अफ्रीका और अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर बनाने के बाद भी भारतीय महिला टीम को मिली हार ने मुश्किलें बढ़ा दी। अपने दर्शकों के बीच खेल रही भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर वह काम किया जो एक बड़ी टीम के खिलाफ करनी चाहिए। लेकिन मैच को फिनिश करने में टीम चूक गई। जो गलती भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में की थी, उसी गलती को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोहराना टीम को भारी पड़ गया। नतीजा 330 रन बनाकर भी उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों 3 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। पिछले मुकाबले की तरह इस मुकाबले में भी टीम छठे गेंदबाज की कमी से जूझती नजर आई, जिसका फायदा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने उठाया और वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा चेज करते हुए जीत हासिल की।
भारतीय महिला टीम (साभार-BCCI WOMEN)
शुरुआत के बाद फिसली हरमन ब्रिगेड
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले विकेट के लिए 155 रन की ओपनिंग साझेदारी को किसी भी टीम के लिए बेहतरीन शुरुआत मानी जा सकती है। स्मृति मंधाना (80) और प्रतिका रावल (75) ने भारतीय टीम को गजब की शुरुआत दी। शुरुआती बल्लेबाज जो अब तक नाकाम रहे थे, उन्होंने भी अच्छा काम किया, लेकिन भारत ने आखिरी 6 विकेट केवल 36 रन पर खो दिए। नतीजा टीम पूरे ओवर भी नहीं खेल पाई और 7 गेंद शेष पहते 330 रन पर ढेर हो गई।
लगातार दो हार ने बढ़ाई मुश्किलें
पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट से मिली हार और अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार ने हरमन एंड ब्रिगेड की मुश्किलें बढ़ा दी है। अब उनके सामने सेमीफाइनल में पहुंचने की चुनौती बढ़ गई है। फिलहाल 4 मैच में 2 जीत और 4 अंक लेकर भारतीय टीम प्वाइंट्स टेबल में नंबर 3 पर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि टीम का नेट रन-रेट पॉजिटिव है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया 4 मैच में 3 मुकाबला जीतकर 7 अंक के साथ टॉप पर है। श्रीलंका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का एक मुकाबला रद्द हो गया था, जहां उसे एक अंक से संतोष करना पड़ा था। 3 मैच में 3 मुकाबला जीतकर इंग्लैंड की टीम 6 अंक के साथ दूसरे नंबर पर है।
प्वाइंट्स टेबल (ICC )
भारतीय टीम के बाकी बचे मैच
राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेले जा रहे इस वर्ल्ड कप में अब भारतीय टीम के 3 मुकाबले बचे हैं। भारत को 5वां मुकाबला 19 अक्टूबर को इंग्लैंड के खिलाफ, छठा मुकाबला 23 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ और 7वां और आखिरी मुकाबला 26 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ खेलना है। इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंदौर में जबकि बाकी दो मुकाबले नवीं मुंबई में खेलने उतरेगी।
खत्म नहीं हुई चैंपियन बनने की राह (Qualification Scenario India Women Team)
लगातार दो करीबी मुकाबलों में मिली हार ने टीम इंडिया की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी है, लेकिन वर्ल्ड कप जीतने का सपना अब भी जीवित है और उसके लिए पहले टीम को टॉप-4 में फिनिश करना होगा। राह मुश्किल है, लेकिन घर पर अपने फैंस का सपोर्ट है और भारत की बेटियां यह कर सकती है।
सेमीफाइनल में कैसे पहुंचे टीम?
अगर हरमन एंड ब्रिगेड बाकी बचे अपने तीनों मैच जीत लेती है तो उसके 7 मैच में 10 अंक हो जाएंगे और वह आसानी से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगी और इसके लिए उसे दूसरी टीमों पर निर्भर नहीं रहना होगा। अगर भारतीय टीम बाकी बचे 3 मैच में दो में हार जाती है तो उसका सफर वहीं खत्म हो जाएगा।एक अन्य विकल्प यह है कि अगर टीम इंडिया बाकी बचे 3 मैच में केवल 2 ही जीत पाती है तो क्या होगा? इस स्थिति में भी सेमीफाइनल में पहुंचने की उसकी उम्मीद बनी रहेगी, लेकिन इसके लिए उसे दूसरी टीमों के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा। खासतौर से उसे साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीम के परिणाम पर निर्भर रहना होगा।
