हेल्थ

कम उम्र में आर्थराइटिस क्यों हो रहा है? 28–38 की उम्र में किन संकेतों पर ध्यान दें

कम उम्र में भी आर्थराइटिस की समस्या हो सकती है। जानिए 30–40 की उम्र में गठिया होने के कारण, शुरुआती लक्षण, किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

Image

World Arthritis Day 2026, Symptoms of Arthritis

World Arthritis Day 2026, Symptoms of Arthritis: क्या आपकी उम्र अभी 28 से 38 साल के बीच है और सुबह उठते ही हाथों की उंगलियां अकड़ी हुई महसूस होती हैं? क्या सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द होता है या बिना ज्यादा काम किए जोड़ों में परेशानी होने लगती है? अक्सर लोग इन समस्याओं को थकान, कमजोरी या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये आर्थराइटिस यानी गठिया के संकेत भी हो सकते हैं।

पहले माना जाता था कि गठिया की परेशानी मुख्य रूप से बुजुर्गों में होती है, लेकिन इसके कुछ प्रकार युवाओं और कम उम्र के वयस्कों को भी प्रभावित कर सकते हैं। आज विश्व आर्थराइटिस पर जानिएं कि, गठिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे पारिवारिक इतिहास, जोड़ों में पुरानी चोट, कुछ बीमारियां और प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याएं। हालांकि, हर तरह का जोड़ों का दर्द आर्थराइटिस नहीं होता। इसलिए जरूरी है कि शुरुआती संकेतों को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

कम उम्र में आर्थराइटिस होने के क्या कारण

आर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी समस्याओं का एक समूह है। इसके अलग-अलग प्रकार होते हैं और हर प्रकार के कारण भी अलग हो सकते हैं। हालांकि ये कुछ साधारण और आमतौर पर देखें जाने वाले कारण हैं।

  • पारिवारिक इतिहास: परिवार में गठिया की समस्या रही है, तो कुछ प्रकार के आर्थराइटिस का खतरा बढ़ सकता है।
  • पुरानी चोट: खेलते समय लगी चोट या जोड़ को बार-बार नुकसान पहुंचने से आगे चलकर ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्या: रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों पर हमला करने लगती है।
  • अधिक वजन: शरीर का ज्यादा वजन घुटनों और कूल्हों जैसे जोड़ों पर दबाव बढ़ा सकता है।
  • दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं: गाउट जैसी बीमारी भी जोड़ों में अचानक तेज दर्द और सूजन पैदा कर सकती है।

30–40 की उम्र में दिखें ये संकेत, तो रहें सतर्क

आर्थराइटिस के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ संकेतों पर खास ध्यान देना चाहिए।

  • सुबह जोड़ों में अकड़न: उठने के बाद हाथों या पैरों के जोड़ आसानी से न मुड़ें, खासकर यदि अकड़न लंबे समय तक बनी रहे।
  • बार-बार दर्द और सूजन: बिना किसी स्पष्ट चोट के जोड़ों में दर्द, गर्माहट या सूजन होना।
  • दोनों हाथों में परेशानी: दोनों हाथों की उंगलियों या कलाई में एक जैसी तकलीफ होना रूमेटॉइड आर्थराइटिस का संकेत हो सकता है।
  • चलने-फिरने में दिक्कत: सीढ़ियां चढ़ने, कुर्सी से उठने या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होना।
  • लगातार थकान: जोड़ों की परेशानी के साथ असामान्य थकान महसूस होना भी कुछ प्रकार के आर्थराइटिस में देखा जा सकता है।

आर्थराइटिस से बचाव के लिए क्या करें?

हर प्रकार के आर्थराइटिस को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ आदतें जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। वजन संतुलित रखें, नियमित रूप से अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें। संतुलित भोजन करें और जोड़ों पर बार-बार चोट लगने से बचाव करें। हालांकि अगर जोड़ों में सूजन बनी रहती है, सुबह की अकड़न बार-बार होती है या दर्द रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करने लगता है, तो डॉक्टर से जांच कराएं।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

और पढ़ें
End of Article