स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर अपना 8वां महिला एशिया कप खिताब जीता। टीम ने बैटिंग और बॉलिंग दोनों में बेहतरीन खेल दिखाया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला।
महिला एशिया कप में भारत का दबदबा।
भारत की बैटिंग यूनिट ने टूर्नामेंट में बाकी टीमों के मुकाबले काफी ज्यादा स्कोरिंग रेट बनाए रखा। उनका रन रेट 8.35 रहा, जबकि बाकी सभी टीमों का मिलाकर रन रेट 5.12 था। उनकी बैटिंग की मजबूती उनके 'रन-प्रति-विकेट' अनुपात (26.46) से भी साफ दिखी, जो बाकी टीमों के संयुक्त आंकड़े (11.95) से दोगुने से भी ज्यादा था। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों में दो भारतीय शामिल रहे। दोनों ने 200 का आंकड़ा पार किया।
बल्लेबाजी में दिखी धाक
भारतीय बल्लेबाजों ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा चार व्यक्तिगत अर्धशतक भी लगाए। जबकि बाकी सभी टीमों ने मिलकर सिर्फ 2 अर्धशतक बनाए। भारत एकमात्र ऐसी टीम थी, जिसने शतक लगाया। स्मृति मंधाना ने शानदार शतकीय पारी खेली थी। टीम ने छक्के लगाने के मामले में भी दबदबा बनाया और टूर्नामेंट के दौरान 32 छक्के जड़े, जबकि बाकी सभी टीमों ने मिलकर 22 छक्के लगाए।
भारत की आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चैंपियन टीम ने हर 16.62 गेंद पर एक छक्का लगाया। श्रीलंका आठ छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर रहा (हर 64.62 गेंदों पर एक छक्का), जबकि पाकिस्तान ने सात, बांग्लादेश ने चार, थाईलैंड ने दो और इंडोनेशिया ने एक छक्का लगाया। हांगकांग और UAE टूर्नामेंट के दौरान एक भी छक्का नहीं लगा पाए।
बॉलिंग में उम्दा प्रदर्शन
भारत की बॉलिंग भी उतनी ही प्रभावशाली रही। उन्होंने 8.84 का सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग औसत और 4.29 का इकॉनमी रेट हासिल किया। इसकी तुलना में बाकी टीमों का संयुक्त बॉलिंग औसत 16.12 और इकॉनमी रेट 5.79 रहा। प्रमुख तेज गेंदबाज श्री चरणी ने टूर्नामेंट के दौरान इतिहास भी रचा।
वह एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा T20 इंटरनेशनल विकेट लेने वाली भारतीय महिला गेंदबाज बन गईं। चरणी ने 2026 में 39 विकेट लिए और पूनम यादव के 2018 में 35 विकेट लेने के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। दीप्ति शर्मा 2024 और 2026 दोनों सालों में 30-30 विकेट चटकाए थे।
चरणी महिला T20 एशिया कप फाइनल में रिकॉर्ड प्रदर्शन करने वालों में भी शामिल रहीं। उन्होंने दुबई में श्रीलंका के खिलाफ 4/20 के आंकड़े दर्ज किए। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें फाइनल में 4 विकेट लेने वाली चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल कर दिया, जिसमें पूनम यादव (4/9 बनाम बांग्लादेश, 2018) और सना मीर (4/13 बनाम भारत, 2012) भी शामिल हैं।
फील्डिंग में छोड़े 17 कैच
हालांकि, भारत की फील्डिंग चिंता का विषय बनी रही। क्योंकि, सभी भाग लेने वाली टीमों में उनकी कैचिंग क्षमता सबसे कम रही। भारतीय टीम ने 17 कैच छोड़े, जो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा थे। जबकि इंडोनेशिया 7 कैच छोड़कर दूसरे स्थान पर रहा। भारत की कैचिंग क्षमता 59.5 प्रतिशत रही, जबकि इंडोनेशिया एकमात्र ऐसी दूसरी टीम थी जो 70 प्रतिशत के आंकड़े से नीचे (58.8 प्रतिशत) रही।
इसके बावजूद जबरदस्त बल्लेबाजी, अनुशासित गेंदबाजी और रिकॉर्ड तोड़ने वाले व्यक्तिगत प्रदर्शन के दम पर भारत के हरफनमौला दबदबे ने महिला T20 एशिया कप 2026 में सबसे मजबूत टीम के तौर पर उनकी स्थिति को और मजबूत किया।
