नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में 5 अक्टूबर से विश्व कप का आयोजन हो रहा है। चार साल में होने वाले इस टूर्नामेंट के आगाज में अब 50 दिन से भी कम का वक्त बचा है। सभी टीमें अपनी टीम और तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। लेकिन भारतीय टीम की स्थिति थोड़ी अलग है। अबतक निश्चित तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि टीम इंडिया में ये खिलाड़ी विश्व कप की टीम में होंगे। खिलाड़ियों को आजमाने की सिलसिला बदस्तूर जारी है।
शिखर धवन (साभार BCCI)
धवन को मिलना चाहिए जो श्रेय वो नहीं मिला
इस दौरान कई सीनियर खिलाड़ियों युवा खिलाड़ियों को उदय और उभार के बीच अनुभवी शिखर धवन को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है। धवन आईसीसी टूर्नामेंट में भारतीय टीम की अहम कड़ी रहे हैं। ऐसे में टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने धवन को नजरअंदाज किए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री ने कहा कि शिखर धवन को जो श्रेय मिलना चाहिए वो लोग उन्हें नहीं देते हैं। वो एक अद्भुत खिलाड़ी हैं। हमें साल 2019 के विश्व कप के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उस मैच में उनकी कमी हमें बहुत खली थी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतकीय पारी के दौरान हो गए थे चोटिल
साल 2019 के विश्व कप के दौरान शिखर धवन के हाथ का अंगूठा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले के दौरान फ्रैक्चर हो गया था। पैट कमिंस की गेंद पर अंगूठा फ्रैक्चर होने के बावजूद उन्होंने 109 गेंद में 117 रन की पारी खेली थी और टीम को 352 रन के स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की थी। शास्त्री ने आगे कहा, टॉप ऑर्डर में एक बांए हाथ के बल्लेबाज के होने से आपको मदद मिलती है। जब गेंद स्विंग होती है तो दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए वो अंदर आती है जबकि बांए हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर जाती है। ऐसे में बांए हाथ के बल्लेबाज के लिए रन बनाना आसान हो जाता है।
एशिया कप के लिए टीम में नहीं किया शामिल
माना जा रहा था कि शिखर धवन को एशियाई खेलों के लिए टीम इंडिया का कप्तान बनाया जाएगा। लेकिन युवा खिलाड़ियों से सजी टीम में उन्हें शामिल नहीं किया गया। रुतुराज गायकवाड़ को कप्तान बनाया गया। ऐसे में बोर्ड के इस फैसले पर धवन ने खुद भी हैरानी जताई थी।
