India Bowling Attack: टी20 सीरीज जीतने के बाद अब टीम इंडिया के सामने 5 मैच की वनडे सीरीज की चुनौती है। इस सीरीज का पहला मुकाबला 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेला जाएगा जबकि 5वां और आखिरी मुकाबला बे-ओवल में 15 नवंबर को खेला जाएगा। टी20 टीम में टीम इंडिया ने डॉमिनेट किया था, लेकिन वनडे सीरीज में उसकी गेंदबाजी कमजोर नजर आ रही है। खासतौर से जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में गेंदबाजी लाइनअप अनुभवहीन नजर आ रही है। इस सीरीज में भारतीय टीम प्रबंधन के सामने गेंदबाजी कॉम्बिनेशन तय करना बड़ी चुनौती होगी क्योंकि गुरनूर ब्रार, अंशुल कंबोज, आकिब नबी और यश ठाकुर के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव बेहद कम है। इन चारों ने मिलकर अब तक केवल 11 वनडे मुकाबले खेले हैं। ऐसे में अनुभवी और संतुलित न्यूजीलैंड टीम के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों की परीक्षा होना तय है।
गुरनूर ब्रार (साभार-X)
बीसीसीआई की ओर से शृंखला में दो अतिरिक्त वनडे मुकाबले शामिल किए जाने के फैसले को लेकर अलग-अलग नजरिये हो सकते हैं। इसे कोई न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी) के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली के इस देश के आखिरी दौरे का व्यावसायिक लाभ उठाने का अवसर मान सकता है, तो कोई इसे खराब कार्यक्रम प्रबंधन का नतीजा मान रहा है। इस बदलाव के कारण भारत को कमजोर गेंदबाजी आक्रमण के साथ मैदान पर उतरना पड़ सकता है।
गौर करने वाली बात यह है कि वनडे टीम में शामिल सभी गेंदबाज न्यूजीलैंड की धरती पर अपनी पहली वनडे सीरीज खेलेंगे।
मोहम्मद सिराज हैं सबसे अनुभवी
भारत की इस गेंदबाजी लाइनअप में मोहम्मद सिराज सबसे अनुभवी हैं जिन्होंने कुल 51 वनडे खेले हैं। 51 वनडे में उनके नाम 77 विकेट हैं। हालांकि, वह सभी 5 मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे या नहीं, इसकी संभावना कम है। सिराज के बारे में ऐसा कहा जा रहा है कि वह शुरुआती तीन मुकाबलों के बाद टेस्ट क्रिकेट की तैयारियों के लिए टीम से जुड़ जाएंगे। पहला टेस्ट मैच 19 नवंबर से जबकि दूसरा टेस्ट 27 नवंबर से खेला जाएगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की रेस में बने रहने के लिए टीम इंडिया को दोनों मैच में जीत की दरकार है।
टीम के एकमात्र तेज गेंदबाज हरफनमौला नीतिश कुमार रेड्डी भी पहले वनडे के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। ऐसे में आखिरी दो वनडे में 18 वनडे का अनुभव रखने वाले अर्शदीप सिंह पर गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई की जिम्मेदारी होगी। उनके अलावा गुरनूर बराड़ (नौ वनडे), अंशुल कंबोज (एक वनडे) और आकिब नबी (एक वनडे) टीम का हिस्सा हैं। अंतिम दो वनडे के लिए टीम में शामिल यश ठाकुर ने अभी वनडे पदार्पण नहीं किया है। शृंखला के शुरुआती तीन वनडे में सिराज और अर्शदीप का अंतिम एकादश में खेलना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन तीसरे तेज गेंदबाज के लिए गुरनूर, कंबोज और आकिब के बीच मुकाबला होगा।
गुरनूर ने अब तक नौ वनडे खेले हैं, लेकिन उनकी इकॉनमी रेट 7.71 रन प्रति ओवर रही है। छह फुट पांच इंच लंबे गुरनूर के पास अतिरिक्त गति और उछाल हासिल करने की क्षमता है। कंबोज और आकिब की औसत गेंदबाजी गति करीब 135 किलोमीटर प्रति घंटा है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमित अनुभव के कारण उन्हें अलग-अलग मैच परिस्थितियों को समझने और दबाव के क्षणों में रणनीति को सही तरीके से लागू करने में परेशानी हो सकती है।
कुलदीप हो सकते हैं एक्स फैक्टर
भारतीय वनडे टीम में मौजूदा गेंदबाजों में सबसे सफल स्पिनर कुलदीप यादव की भूमिका भी अहम हो सकती है। 124 मैचों में 201 विकेट ले चुके कुलदीप उपमहाद्वीप के बाहर की परिस्थितियों में टीम संयोजन के हिसाब से चयन के विकल्प बन जाते हैं। मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति में आठवें नंबर तक बल्लेबाजी की गहराई रखने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में कुलदीप को अंतिम एकादश में जगह देना टीम प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
