IND vs ENG: इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टीव हार्मिसन का मानना है कि भारत को आगामी चौथे टेस्ट मैच के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में कुलदीप यादव को शामिल करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस तरह का फैसला लेने से टीम के संतुलन में बदलाव हो सकता है और चयनकर्ताओं के सामने एक मुश्किल दुविधा खड़ी हो सकती है।
कुलदीप यादव (फोटो- AP)
ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच और स्पिन की भूमिका
ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच को लेकर हार्मिसन का कहना है कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिनरों को मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को यह तय करना होगा कि वह दो या तीन स्पिनरों के साथ उतरना चाहता है या नहीं।“पिच से कुलदीप को शुरुआती उछाल नहीं मिलेगा, लेकिन जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ेगा, स्पिनरों को टर्न और मदद जरूर मिलेगी।'
कुलदीप की एंट्री से संतुलन में होगा बदलाव
भारत ने अब तक श्रृंखला में एक अच्छी तरह संतुलित टीम उतारी है, जिसमें वाशिंगटन सुंदर और रविंद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर प्रभावशाली रहे हैं। हार्मिसन के मुताबिक, अगर कुलदीप को शामिल करना है, तो किसी एक को बाहर बैठाना होगा। हार्मिसन ने कहा कि-'आप वाशिंगटन सुंदर या रविंद्र जडेजा को बाहर नहीं कर सकते। ऐसे में तीन स्पिनरों को खिलाना एक साहसिक और रणनीतिक निर्णय होगा, खासकर जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए।”
ओल्ड ट्रैफर्ड की परिस्थितियां कैसी होंगी?
हार्मिसन को उम्मीद है कि मैनचेस्टर की पिच एजबेस्टन और लॉर्ड्स जैसी ही होगी — जहां गति और उछाल कम होगी और मैच के आगे बढ़ने पर विकेट टूटेगी और टर्न देने लगेगी। उन्होंने कहा कि 'यहां लगभग तीन महीने से बारिश नहीं हुई है, लेकिन अगर इंग्लैंड में कहीं बारिश होनी है तो वह मैनचेस्टर में ही होगी।उन्होंने यह भी जोड़ा कि ओल्ड ट्रैफर्ड ऐसा मैदान है, जहां तीन स्पिनर खिलाने पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।
इंग्लैंड की रणनीति अलग होगी
हार्मिसन को लगता है कि इंग्लैंड इस तरह की स्पिन-प्रधान रणनीति को अपनाने के लिए तैयार नहीं होगा। उन्होंने इंग्लैंड के पास उपलब्ध स्पिन विकल्पों जैसे लियाम डॉसन का जिक्र किया, लेकिन यह भी कहा कि मेजबान टीम पारंपरिक सीम अटैक के साथ ही उतरेगी। हार्मिसन के मुताबिक - 'इंग्लैंड शायद इस रास्ते पर न चले। उनके पास लियाम डॉसन हैं, लेकिन वे उन्हें नहीं खिलाएंगे। भारत जरूर इस पर विचार कर सकता है।'
फिर से एक कम स्कोर वाला मुकाबला?
पूर्व तेज गेंदबाज का यह भी मानना है कि चौथा टेस्ट एक बार फिर कम स्कोर वाला मुकाबला हो सकता है, जिसमें गेंदबाजों को मदद मिलेगी।“मुझे लगता है कि हमें इस मैच में भी कम स्कोर देखने को मिलेंगे। विकेट में ज्यादा उछाल या गति नहीं दिख रही है। लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, टर्न जरूर मिलेगा।”
भारत के सामने चयन की बड़ी चुनौती
भारत के लिए यह टेस्ट सिर्फ मुकाबला जीतने का ही नहीं, बल्कि श्रृंखला में बराबरी करने का भी मौका है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को तय करना होगा कि क्या वह संतुलन बनाए रखे या तीन स्पिनरों के साथ एक आक्रामक रणनीति अपनाए।
