मुंबई: श्रेयस अय्यर और इशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने की वजह से बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर किए जाने के निर्णय पर मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही हैं। इसी आधार पर हार्दिक पांड्या को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने के मुद्दे पर भी जमकर चर्चा हुई। हार्दिक पांड्या टीम से बाहर रहने के बावजूद अपना ए ग्रेड कॉन्ट्रेक्ट बचाए रखने में सफल रहे। लेकिन इसके एवज में हार्दिक को घरेलू व्हाइट बॉल टूर्नामेंट में खेलने की अंडरटेकिंग देनी पड़ी।
हार्दिक पांड्या
हार्दिक को ऐसे मिला ए ग्रेड कॉन्ट्रैक्ट
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हार्दिक पांड्या को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने को लेकर बीसीसीआई की बैठक में जमकर चर्चा हुई। ऐसे में हार्दिक ने बोर्ड को अंडरटेकिंग दी है कि अगर वो राष्ट्रीय टीम के लिए व्हाइट बॉल क्रिकेट नहीं खेल रहे होंगे तब वो घरेलू क्रिकेट में बड़ौदा के लिए मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में शिरकत करेंगे।
डीवाय पाटिल टूर्नामेंट में हार्दिक ने की वापसी
कॉन्ट्रैक्ट की बैठक के दौरान इशान किशन और श्रेयस अय्यर के अलावा हार्दिक पांड्या को लेकर कड़ी चर्चा हुई। हार्दिक को अक्टूबर में विश्व कप के दौरान चोट लगी थी। पांड्या की पिछले सप्ताह मैदान पर वापसी हुई है। उन्होंने डीवाय पाटिस टूर्नामेंट में रिलायंस की टीम के लिए खेलने उतरे। इशान और श्रेयस की तरह वो बड़ौदा में अकेले ट्रेनिंग कर रहे थे लेकिन इस दौरान वो एनसीए को लगातार अपनी फिटनेस के बारे में सूचना दे रहे थे।
रेड बॉल क्रिकेट खेलने के लिए फिट नहीं है हार्दिक
बीसीसीआई की मेडिकल टीम की रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक पांड्या फिलहाल रेड बॉल क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं। ऐसे में उनकी रणजी ट्रॉफी या अन्य प्रथम श्रेणी मैचों में खेलना संभव नहीं है। इसलिए उन्हें घरेलू व्हाइट बॉल क्रिकेट खेलना सुनिश्चित किया है।
