एशेज का मुकाबला हो और कोई विवाद न हो ऐसा न के बराबर होता है। खेल के चौथे दिन भी ऐसा ही कुछ हुआ जिसने क्रिकेट जगत को दो खेमों में बांट दिया। एक खेमा बेन डकेट को आउट मान रही है तो दूसरा खेमा इंग्लैंड टीम के पक्ष में है और आईसीसी के नियमों की दुहाई दे रहा है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज ग्लेन मैग्रा ने तीसरे अंपायर के इस फैसले की कड़े शब्दों मे आलोचना की है।
मिचेल स्टार्क (साभार-स्क्रीन शॉट)
चौथे दिन की है घटना
चौथे दिन जब स्टंप होने में 3 ओवर का खेल बाकी था, तब कैमरन ग्रीन की एक गेंद पर बेन डकेट ने शॉट मारा। गेंद मिचेल स्टार्क के हाथ में गई, लेकिन कैच लेने के दौरान वह अपना नियंत्रण खो बैठे और गेंद जमीन को छू गई। फील्ड अंपायर ने आउट करार दिया, लेकिन रिप्ले देखने के बाद थर्ड अंपायर ने फैसले को बदल दिया और डकेट दोबारा मैदान में लौटे। उस वक्त वह 50 रन बनाकर नाबाद थे।
ग्लेन मैग्रा ने की आलोचना
मिचेल स्टार्क के इस कैच को अमान्य करार देने के बाद ग्लेन मैग्रा ने इस फैसला की निंदा की। उन्होंने कहा 'मुझे क्रिकेट में जो मैंने अब तक देखा है, उनमें से यह मेरे लिए सबसे खराब अनुभव है।' मैग्रा यही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा 'स्टार्क ने उस गेंद को नियंत्रण में कर लिया था। वह गेंद नियंत्रण में था। यदि वह आउट नहीं है, तो अब तक लिया गया हर दूसरा कैच आउट नहीं होना चाहिए। यह एक अपमान है।'
एमसीसी ने कैच पर दी सफाई
इस कैच को लेकर चल रहे विवाद के बीच एमसीसी ने कैच के नियम को शेयर करते हुए इस फैसले को जायज बताया है। नियम के अनुसार 'कैच तभी मान्य होता है जब कैच लेने वाला खिलाड़ी का मूवमेंट के दौरान गेंद और खुद पर पर पूरी तरह से नियंत्रण हो।'
