KL Rahul vs Shubman Gill: भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंदौर में खेले जाने वाले बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट से पहले अभ्यास के लिए मैदान में उतर चुकी है। भारतीय टीम रविवार को 6 दिन के ब्रेक के बाद रविवार को नए सिरे से अपनी कमर कसकर मैदान में अभ्यास के लिए उतरी।
केएल राहुल और स्टीव स्मिथ
शास्त्री ने भी छोड़ा राहुल का साथ
तीसरे टेस्ट से पहले एक बार फिर एकादश में केएल राहुल को प्लेइंग-11 में मौका देने का मुद्दा गर्मा गया है। पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद द्वारा केएल राहुल के चयन पर सवाल उठाने के बाद उनके लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में अब टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। रवि शास्त्री ने इंदौर टेस्ट में केएल राहुल की जगह शुभमन गिल को मौका दिए जाने की वकालत की है। शास्त्री ने कहा, टीम मैनेजमेंट राहुल के फॉर्म से वाकिफ है। वो ये भी जानते हैं कि उनकी मनोदशा कैसी है। वो जानते हैं कि शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को कैसे और कब मौका देना है।
पिछली सात पारियों में बनाए हैं 13.75 के औसत से रन
केएल राहुल का टेस्ट क्रिकेट में पिछली सात पारियों में बेहद खराब प्रदर्शन रहा है। वो 22, 23,10,2, 20, 17 और 1 रन की पारी खेल सके हैं। पिछली सात टेस्ट पारियों में राहुल 13.57 के शर्मनाक औसत से कुल 95 रन बना सके हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 23 रन रहा है और ये पारी उन्होंने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली थी। उनकी वजह शानदार फॉर्म में चल रहे युवा शुभमन गिल को बेंच पर अपनी पारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इस वजह से कप्तान रोहित और राहुल द्रविड़ को भी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
प्रतिभा को प्रदर्शन में करना पड़ता है तब्दील
रवि शास्त्री ने आगे कहा,राहुल एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनके अंदर अपार प्रतिभा है लेकिन आपको उस टैलेंट को प्रदर्शन में तब्दील करना पड़ता है। टीम मैनेजमेंट चयन से पहले उनके फॉर्म और मानसिक स्थिति पर गौर करेगा। आपको इस स्तर अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में रहना होता है। आप शुभमन गिल जैसा खिलाड़ी चाहते हैं। वो बेहतरीन फॉर्म में हैं और वो आपको चुनौती देंगे। वो अपने बल्ले से दरवाजा तोड़कर टीम इंडिया में शामिल हुए हैं।
घरेलू सीरीज में नहीं होना चाहिए उपकप्तान
शास्त्री ने आगे कहा, राहुल अब टीम के उपकप्तान नहीं हैं ऐसे में टीम मैनेजमेंट उन्हें एकादश से बाहर करने का निर्णय ले सकता है। लेकिन घरेलू सीरीज में उपकप्तान रखने के निर्णय को शास्त्री ने गलत बताते हुए कहा कि मेरा हमेशा से मानना है कि घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए किसी भी खिलाड़ी को उपकप्तान नहीं बनाया जाना चाहिए और अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ मैदान में उतरना चाहिए। अगर कप्तान मैदान से बाहर है तो कोई भी खिलाड़ी कप्तानी कर सकता है।'
