नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका, जिंबाब्वे और नामीबिया की साझा मेजबानी में आयोजित होने वाले साल 2027 के वनडे क्रिकेट विश्व के आयोजन की तारीखों के बाद टूर्नामेंट के फॉर्मेट का भी खुलासा हो गया है। बुधवार को आईसीसी ने अपनी सालाना बैठक (AGM) में इस बड़े इवेंट के लिए एक नए फॉर्मेट का भी ऐलान किया। टूर्नामेंट के पांच दशक लंबे इतिहास का यह सबसे अलग फॉर्मेट है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने ये बदलाव टूर्नामेंट में एक तरफा मुकाबलों में कमी लाने और उसका रोमांच बढ़ाने के उद्देश्य से किया है।
भारत बनाम पाकिस्तान (फोटो क्रेडिट AI Generated)
14 टीमें लेंगी 2027 के संस्करण में भाग
आईसीसी वनडे विश्व कप में भाग लेने वाली टीमों की संख्या में लगातार इजाफा कर रहा है। साल 2019 और 2023 में टूर्नामेंट में 10 टीमों ने भाग लिया था। साल 2027 में एक बार फिर टूर्नामेंट में 14 टीमें भाग लेंगी जैसा साल 2003, 2011 और 2015 में हुआ था। लेकिन 14 टीमों के साथ टूर्नामेंट के फॉर्मेट में भी बदलाव किया गया है। नए फॉर्मेट की वजह से टूर्नामेंट में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बार भिड़त प्रशंसकों को देखने को मिल सकती है।
कैसा है वनडे वर्ल्ड कप का नया फॉर्मेट?
आईसीसी मेंस वर्ल्ड कप 2027 के लिए लागू किए गए फॉर्मेट में टूर्नामेंट का आयोजन कई चरण में होगा। पहले चरण में 12वीं, 13वीं और 14वीं सीड वाली टीमें हिस्सा लेंगी। ये तीन टीमें 'सुपर सीरीज' में हिस्सा लेंगी, और उनमें से सिर्फ एक टीम दूसरे राउंड के लिए क्वालिफाई करेगी और दूसरे राउंड में टॉप 11 रैंक वाली टीमों के साथ शामिल होगी।
अंतिम 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप की छह टीमें एक दूसरे से राउंड रॉबिन के आधार पर भिड़ेंगी। अंत में दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें और दोनों ग्रुप में चौथे पायदान पर रहने वाले एक टीम को सुपर-7 राउंड में एंट्री मिलेगी। ये टीमें एक दूसरे से एक बार फिर राउंड रॉबिन के आधार पर भिड़ेंगी और टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल में एंट्री करेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने वाली टीमों के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा।
तीन बार क्यों हो सकती है भारत-पाक भिड़ंत
अक्टूबर-नवंबर 2027 में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप के नए फॉर्मेट में भारत पाकिस्तान की टीमों का टॉप-10 में रहना तकरीबन तय है। ऐसे में दोनों के बीच मुकाबला ग्रुप दौर में होगा। जहां अगर उन्हें एक ग्रुप में जगह मिलती है तो एक बार दोनों के बीच भिड़ंत होगी। अगर चिरप्रतिद्वंद्वियों का ग्रुप अलग हुआ तो दोनों के बीच एक भी मैच ग्रुप दौर में नहीं होगा। दोनों टीमें सुपर-7 राउंड के लिए क्वालीफाई करती हैं तो दोनों के बीच सुपर-7 राउंड में भिड़ंत पक्की होगी। इसके बाद टॉप 4 में रहने पर दोनों के बीच सेमीफाइनल में भिड़ंत हो सकती है। सेमीफाइनल में अगर दोनों की टक्कर नहीं होती है तो दोनों के बीच फाइनल में भिड़ंत हो सकती है। ऐसे में आईसीसी ने भारत पाकिस्तान मुकाबले से पैसे कमाने का एक और शानदार तरीका ढूंढ लिया है। दोनों टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी तो इस मार्की इवेंट में तीन बार प्रशंसकों को भारत-पाक महा-मुकाबला देखने को मिल सकता है। जैसा कि एशिया कप में आम तौर पर होता रहा है जहां दो से तीन बार दोनों के बीच भिड़ंत प्रशसकों को देखने को मिली है।
एक से ज्यादा बार कब भिड़े भारत पाकिस्तान?
भारत और पाकिस्तान की टीमें आईसीसी इवेंट्स के इतिहास में दो बार ही एक संस्करण में एक से ज्यादा बार एक दूसरे से भिड़ी हैं। ऐसा पहली बार साल 2007 में आयोजित टी20 विश्व कप में हुआ था। जहां लीग दौर के बाद दोनों का फाइनल में आमना सामना हुआ था। जिसमें टीम इंडिया अंत में पहले टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनी थी। वहीं साल 2017 में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में भी भारत और पाकिस्तान की टीम ग्रुप दौर के बाद फाइनल में एक दूसरे से भिड़ी थीं जिसमें पाकिस्तान की टीम विजयी रही थी।
